इस विश्वविद्यालय में 60 साल बाद गोपनीय शाखा खत्म!

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जोधपुर. जय नारायण व्यास विश्वविद्यालय ने बुधवार को अपनी गोपनीय शाखा यानी सीक्रेसी का विलय परीक्षा शाखा में कर दिया है। अब गोपनीय शाखा परीक्षा अनुभाग के अंतर्गत काम करेगी। परीक्षा अनुभाग दो भागों में क्रमशः परीक्षाः पूर्व-परिणाम एवं परीक्षाः परिणाम के बाद के रूप में होगा। दोनों भागों में स्वतंत्र रूप से अलग-अलग सहायक कुलसचिव होंगे। परीक्षाः पूर्व-परिणाम, मौजूदा गोपनीय शाखा एवं परीक्षाः परिणाम के बाद, मौजूदा परीक्षा अनुभाग का हिस्सा होंगे। दोनों सहायक कुलसचिव परीक्षा नियंत्रक के अधीन रहेंगे। विश्वविद्यालय की स्थापना के 60 साल बाद गोपनीय शाखा को खत्म किया गया है।

वर्तमान में विश्व विद्यालय की गोपनीय शाखा प्रश्न पत्र तैयार करने, उत्तर पुस्तिकाएं जांच के लिए भेजने, परीक्षा परिणाम तैयार करने, अंक तालिका बनाने सहित विश्वविद्यालय के समस्त गोपनीय कार्य करती है। गोपनीय शाखा में हर किसी का प्रवेश निषेध रहता है लेकिन कई बार गोपनीय शाखा और परीक्षा अनुभाग के मध्य तालमेल नहीं होने से विश्वविद्यालय के समक्ष विकेट परिस्थितियां खड़ी हो जाती है। दो दिन पहले परीक्षा समाप्ति के बाद उत्तर पुस्तिका के बंडल लेकर लौटे विश्वविद्यालय के एक कर्मचारी को गोपनीय शाखा बंद होने से काफी समय इंतजार करना पड़ा था।

परीक्षा नियंत्रक की होगी भर्ती

विश्वविद्यालय में लंबे समय से परीक्षा नियंत्रक का पद खाली है। विवि प्रशासन इस पर समय-समय पर किसी वरिष्ठ प्रोफेसर को नियुक्त करता रहा है। वर्तमान में रसायन शास्त्र विभाग के प्रोफेसर डॉ के आर गेनवा पदस्थ है। प्रोटोकॉल के अनुसार कुलपति और रजिस्ट्रार के बाद में परीक्षा नियंत्रक का पद आता है। आने वाले समय में परीक्षा नियंत्रक की स्थाई भर्ती की जाएगी।

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परीक्षा अनुभाग और गोपनीय शाखा का एक जैसा कार्य होने की वजह से दोनों को मर्ज कर दिया गया है। अब केवल परीक्षा अनुभाग ही रहेगा। दोनों परीक्षा नियंत्रक के अधीन रहेंगे।

- प्रो केएल श्रीवास्तव, कुलपति, जेएनवीयू जोधपुर



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