Loan fraud - अविनाश केवलिया/जोधपुर। गांव से लेकर शहर तक शायद ही ऐसा कोई व्यक्ति होगा जो सोशल मीडिया का उपयोग न करता हो। पिछले कुछ माह में जो एक बड़ा बदलाव देखने को मिला है वह यह कि सोशल मीडिया पर चलने वाला हर तीसरा एड इसी प्रकार की लोन एप का है। जो कि सैलेरी कम हाेने, नया व्यापार शुरू करने के लिए बिना किसी कागजी कार्रवाई के लिए लोन देने का झांसा देते हैं। कई लोग इसका शिकार हो रहे हैं, तो कई लोग ऐसे लिंक पर गलती से क्लिक कर इन ठगों के चंगुल में फंस रहे हैं।
केस एक
जोधपुर जिले के ग्रामीण क्षेत्र से एक किसान परिवार का युवक। करीब एक छह माह पहले ऐसे ही ऑनलाइन एप से 25 हजार का लोन किया। उसे पांच किश्त में पैसे वापस करने थे, वह उसने कर दिए। लेकिन इसके बाद भी उसके पास फोन आते हैं और पैसों की डिमांड जारी रही। उसने मना किया तो उसके कुछ फोटो व अन्य कॉन्टेक्ट नम्बर पर धमकी भरे मैसेज आने शुरू कर दिए।
केस दो
एक महिला के पास मैसेज आया कि आपके परिचित हैं जिनके नम्बर बताए और कहा कि इन्होंने हमारी कंपनी से लोन लिया, लेकिन अब वापस नहीं दे रहे। आपको यह लोन चुकाना होगा। जब महिला ने अपने परिचित से बात की कि उसके ऐसे कई रिश्तेदारों के पास उगाही के फोन व मैसेज गए हैं, जबकि उसने ऐसा कोई लोन नहीं लिया।
बिना वेरिफिकेशन के होता है कार्य
माइक्रो फाइनेंस एप कंपनियां बिना वेरिफिकेशन के कार्य कर रही हैं। इनमें से कुछ सीधा आपका फोन स्कैन कर लेते हैं। जिससे साइबर ठगी होने की आशंका बढ़ जाती है।
चाइना से संबंधित है एप
हाल में प्रवर्तन निदेशालय ने इस प्रकार के 38 चाइनीज माइक्रो फाइनेंस एप के बारे में सूचना गूगल को भेजी है और उनकी जानकारी चाही है। यह ऐसी फिनटेक कंपनी होने का दावा कर रही है और अवैध तरीके से पैसों का लेन-देन भी कर रही है। इनका लेन-देन क्रिप्टोकरंसी के रूप में भी होता है।
इसलिए चर्चा में यह एप
- तीन में से एक एड इंस्टेंट डिजिटल लोन एप से जुड़ा है।
- 38 नोन-बैंकिंग फाइनेंशियल कंपनी लिस्टेड की है देशभर में ईडी ने।
- 1 माह में 5 लोगों ने ऐसे धमकियों से परेशानी होकर देशभर में अपनी जान दे दी है।
- 1300 से ज्यादा लोग प्रदेश में इस प्रकार की ठगी का शिकार हुए हैं प्रदेश में।
एक्सपर्ट व्यू
सोशल मीडिया एक्सपर्ट पंकज व्यास बताते हैं कि इस प्रकार के सोशल मीडिया एड के लिंक से हमेशा बचना ही चाहिए। यह सबसे पहले आपके फोन की गैलेरी और फोनबुक का स्कैन कर लेते हैं। इसके बाद आपके परिचितों से सम्पर्क कर ठगी करते हैं। ऐसे कई मामले लगातार सामने आ रहे हैं। इस प्रकार के बिना वेरिफिकेशन वाले लोन एप के चक्कर में फंसने के बाद सीधे बैंक खाते से ठगी का खतरा तो है ही, इसी तर्ज पर सैक्स्टॉर्शन भी बढ़ रहा है।
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