जोधपुर। पेट्रोल-डीजल के दामों में लगातार हो रही तेजी का असर न सिर्फ लोगों की जेब पर पड़ा है, बल्कि लोग धीरे-धीरे जीवनशैली भी बदलने लगे हैं। परम्परागत वाहनों के स्थान पर इलेक्ट्रोनिक वाहनों की ओर रुख बढ़ा है तो शेयरिंग या सार्वजनिक परिवहन के साधनों में सफर करने लगे हैं।
पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान ही देश-प्रदेश में इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री में तीन गुना तक वृद्धि हुई है। राजस्थान में पिछले वित्तीय वर्ष के दौरान 349 प्रतिशत ग्रोथ के साथ 19306 इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहनों की बिक्री हुई, जबकि इससे पहले साल मात्र 4298 इलेक्ट्रिक टू व्हीलर बिके थे। जोधपुर शहर में भी एक साल में लगभग डेढ़ हजार इलेक्ट्रिक दुपहिया वाहनों का पंजीयन हुआ है। हालत यह है कि ई-व्हीकल्स ऑन डिमांड मिल नहीं रहे और ऑफलाइन व ऑनलाइन बुकिंग की कतार बढ़ती जा रही है। रूस-यूक्रेन युद्ध व चीन में कोविड लॉकडाउन के चलते सेमिकंडक्टर आदि की आपूर्ति सुचारू नहीं होने से निर्माता मांग पूरी नहीं कर पा रहे हैं।
हाल ही जारी हुई फैडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा) की रिपोर्ट में दावा किया गया कि बीते वित्तीय वर्ष के दौरान देशभर में 4.29 लाख इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री हुई, इनमें आधी से ज्यादा बिक्री (2,31,338) दुपहिया ई-स्कूटर्स आदि की है। जबकि पिछले वित्तीय वर्ष में 1.34 लाख वाहन ही बिके थे, इसमें दुपहिया वाहन 41,046 ही थे। मांग इलेक्ट्रिक कारों की भी बढ़ी है, लेकिन आपूर्ति मांग के मुकाबले नहीं के बराबर है।
महंगा तेल बड़ा कारण
इलेक्ट्रिक वाहनों की बिक्री बढ़ने के पीछे सबसे पड़ा कारण पेट्रोल-डीजल के दामों में तेजी से हो रही वृद्धि को माना जा रहा है। पिछले बीस दिनों में ही पेट्रोल डीजल के भावों में प्रति लीटर 10 से 12 रुपए की वृद्धि हुई है। जोधपुर में महामंदिर निवासी कर्मचारी अशोक कहते हैं कि बाइक पर पेट्रोल का खर्चा प्रतिमाह तीन हजार से बढ़कर करीब 5 हजार हो गया था। उन्हें दो माह इंतजार के बाद इलेक्ट्रिक स्कूटर मिला है तो उनका ईंधन का खर्चा नहीं के बराबर रह गया है। निजी फाइनेंस कंपनी के मार्केटिंग एक्जीक्यूटिव हेमंत कुमार बताते हैं कि पहले वे अपने वाहन से ट्यूर करते थे, अब रेल-बस में सफर को प्राथमिकता देकर कुछ बचत का प्रयास कर रहे हैं।
लगातार खुल रहे शो-रूम
पारम्परिक वाहनों की तर्ज पर ई-स्कूटर आदि के शो-रूम भी तेजी से खुल रहे हैं। जोधपुर में ही लगभग 30 से 40 शोरूम खुल चुके हैं। यहां सुबह से शाम तक वाहनों के बारे में जानकारी और बुकिंग के लिए लोग पहुंच रहे हैं। एक शोरूम के मैनेजर रवि शर्मा बताते हैं कि हाई स्पीड वाले आरटीओ एप्रूव्ड टू-व्हीलर्स, जिसमें सब्सिडी मिलती है, उसकी मांग ज्यादा है।
देश में ई-वाहनों की तुलनात्मक बिक्री
श्रेणी----------------2021-22--------2020-21----2019-20
दुपहिया------------2,31,338--------41,046-----24843
तिपहिया-----------1,77,874---------88,391----1,40,684
पैसेंजर वाहन--------------17,802-----------4,984-------2,280
वाणिज्यक वाहन----------2,203-------------400--------493
(स्रोत- फैडरेशन ऑफ ऑटोमोबाइल डीलर्स एसोसिएशन (फाडा))
जनवरी में पेट्रोल-डीजल के दाम
पेट्रोल- 106.84
डीजल- 90.52
13 अप्रैल को दाम
पेट्रोल- 117.82
डीजल- 100.75इलेक्ट्रिक कारों की भी
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