जोधपुर. विश्व पर्यटन मानचित्र पर जोधपुर को नई पहचान दिलाने वाले मेहमान पक्षी कुरजां की संदिग्ध मौत का सिलसिला जारी हैं। जिले के कापरड़ा गांव के सेज हाईवे स्थित तालाब पर हजारों किलोमीटर का सफर तय कर शीत कालीन प्रवास पर आए कुरजां के समूह पर मौत का संकट मंडराने लगा है। इस तालाब पर कलरव करने वाले कुरजां के समूह में से पिछले तीन दिनों में अब तक 70 कुरजां दम तोड़ चुकी है, वहीं बिलाड़ा में बनाए गए अस्थाई रेस्क्यू सेंटर में घायल कुरजां का इलाज चल रहा है।
तालाब पर एक हजार की संख्या में प्रवास कर रही कुरजां की जान बचाने के लिए वनविभाग, पशु चिकित्सालय और वन्यजीव विशेषज्ञों की टीम वैक्सिनेशन करने के साथ इम्युनिटी बूस्टर भी दे रही है। वन्यजीव चिकित्सक श्रवण सिंह राठौड़ व सहायक वन्यजीव चिकित्सक महेन्द्र गहलोत घायल कुरजां का इलाज करने में जुटे दिखाई दिए। घटना स्थल पर उपस्थित डीएफओ डॉ. रमेश कुमार मालपानी ने बताया कि मृत पक्षियों का विसरा जांच के लिए भोपाल भेज दिया गया है। मौत का स्पष्ट कारण सैंपल की रिपोर्ट आने के बाद ही पता चल सकेगा। गौरतलब है कि कुरजां पक्षियों का समूह मंगोलिया, चीन व कजाकिस्तान सहित विभिन्न देशों से मारवाड़ के जोधपुर जिले के खींचन व शहर के आसपास के जलाशयों पर पड़ाव डाले हुए हैं।
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