जोधपुर।
जिले में मानसून सीजन में अकाल की स्थिति से उत्पादन प्रभावित होने व तिलहनी मांग के चलते खरीफ सीजन की मूंग, मूंगफ ली व कपास की फ सलों के बाजार भाव समर्थन मूल्य से ऊपर है। राज्य सरकार की अनुसंशा पर केंद्र सरकार ने मूंग व मूंगफ ली के समर्थन मूल्य की खरीद की अनुमति के साथ लक्ष्य आवंटित किया है लेकिन अच्छी औसत गुणवत्ता (एफएक्यू) की फ सलों के समर्थन मूल्य से बाजार मूल्य अधिक होने के चलते समर्थन मूल्य खरीद के प्रति किसान ज्यादा रुचि नही दिखा रहे है। मूंग का समर्थन मूल्य 7250 रुपए क्विंटल है वहीं इसके बाजार में भाव इससे अधिक मिल रहा है। मूंगफ ली का समर्थन मूल्य 5550 रुपए क्ंिवटल है, वहीं बाजार में इसका मूल्य 5800 रुपए क्ंिवटल से अधिक है। इसी प्रकार कपास का मूल्य भी 6025 रुपए क्ंिवटल की अपेक्षा 8400 रुपए किसानों को मिल रहा है।
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उत्पादन घटने से बाजार तेज
जिले में इस बार 2.80 लाख हैक्टेयर में मूंग व 1.58 लाख हैक्टेयर में मूंगफ ली की बुवाई हुई थी। अकाल के कारण मूंग व कपास का उत्पादन पूरी तरह से प्रभावित हुआ है, जिससे उत्पादन घटने से इनका बाजार तेज है। वहीं मूंगफ ली का सामान्य उत्पादन निकलने के बावजूद तिलहनी फ सलों की मांग अधिक होने से मूंगफ ली का बाजार भी समर्थन मूल्य से अधिक है। भारतीय किसान संघ के प्रांत अध्यक्ष मानकराम परिहार का कहना है कि बाजार में समर्थन मूल्य से ज्यादा दाम मिलने के कारण किसान सरकारी खरीद केन्द्रों पर रुचि नहीं दिखा रहे है।
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गुणवत्ता में शिथिलता दी जाए
प्रदेश में मूंग व मूंगफ ली की समर्थन मूल्य पर खरीद के लिए अधिसूचना जारी हुई है लेकिन फ सल कटाई के समय बरसात से मूंग का कलर बिगडऩे के चलते उसकी खरीद की नहीं जा रही है। किसानों के पास उपलब्ध मूंग में गुणवत्ता की शिथिलता देकर खरीद की जाए तो किसानों को लाभ होगा।
तुलछाराम सिंवर, पूर्व प्रांत प्रचार प्रमुख
भारतीय किसान संघ जोधपुर
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