HANDBALL-----सरकार को मेडल्स लाने वाले गेम्स को एक्स्ट्रा सुविधाएं देनी चाहिए

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जोधपुर।
राजस्थान में खेलों का स्तर सुधर रहा है। हैण्डबॉल सहित अन्य अनेक खेलों में खिलाड़ी मेडल्स ला रहे है। सरकार को मेडल्स लाने वाले गेम्स को फोकस कर उनको प्राथमिकता देनी चाहिए और एक्स्ट्रा सुविधाएं देनी चाहिए। यह बात हैण्डबॉल फैडरेशन ऑफ इंडिया के सैक्रेटरी जनरल तेजराजसिंह ने कही। राजस्थान पत्रिका से बात करते हुए तेजराज ने बताया कि प्रदेश में मेडल्स लाने वाले खेलों को कैटेगरीवाइज प्राथमिकता देनी चाहिए। साथ ही, स्टेण्डर्ड ग्राउण्ड, इंफ्रास्ट्रक्चर डवलप करना चाहिए। ताकि उन खेलों व खिलाडिय़ों को आगे बढऩे का मौका मिलेगा। तेजराज ने बताया कि राज्य सरकार भी खेल-खिलाडिय़ों को प्रोत्साहित करने के लिए अच्छे कदम उठाए है। खेल कोटे से नौकरियां पाकर खेल प्रतिभाएं खुश है। राज्य सरकार ने खेलों के जरिए रोजगार के रास्ते खोले है, हैण्डबॉल में भी एक महिला खिलाड़ी को नौकरी मिली है।
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राजस्थान में ज्यादा से ज्यादा टूर्नामेंट कराने का प्रयास
इसी माह फैडरेशन के सैक्रेटरी जनरल बने तेजराज ने बताया कि राजस्थान में ज्यादा से ज्यादा नेशनल-इंटरेनशनल टूर्नामेंट कराने का प्रयास रहेगा। भारतीय टीम के प्रशिक्षण शिविर राजस्थान में कराने का प्रयास रहेगा। जिससे प्रदेश के खिलाडिय़ों को अच्छे टूर्नामेंट देखने का मौका मिलेगा और वे मोटिवेट हो सकेंगे। उन्होंने बताया कि जयपुर में हैण्डबॉल की गल्र्स एकेडमी चल रही है। सरकार ने इस बजट में जैसलमेर में भी एक एकेडमी खोलने की घोषणा की है। जहां कोविड की वजह से सेशन शुरू नहीं हो पाया, अगले सेशन से खिलाडिय़ों को फायदा मिलेगा।
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हैण्डबॉल का रोडमैप तैयार किया, रिजल्ट आ रहे है
तेजराज ने बताया कि प्रदेश में हैण्डबॉल गेम के लिए रोडमैप तैयार किया हुआ है, जिसके अनुसार रिजल्ट आना शुरू हो गए है। इसी का नतीजा है कि इस वर्ष प्रदेश में हैण्डबॉल को तीन पदक मिल चुके है। कोचेज अच्छे खिलाड़ी तैयार कर रहे है और एक साल में तीन मेडल आना बड़ी बात है।
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संघ अच्छा काम कर रहा
तेजराज ने बताया कि हैण्डबॉल की स्टेट एसोसिएशन अच्छा काम कर रही है। इसी का नतीजा है कि इस खेल में खिलाडिय़ों का रुझान बढ़ रहा है। जोधपुर में चल रही हैण्डबॉल की सीनियर स्टेट चैम्पियनशिप में 60 टीमें भाग ले रही है, जो अब तक इस गेम में भाग लेने वाली टीमों की सर्वाधिक संख्या है।
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