जोधपुर.
सूरसागर थाना पुलिस ने चोपड़ के पास पत्थर की खान में श्रमिक के संदिग्ध हालात में मिले शव के मामले का खुलासा कर सोमवार को एक चालक को गिरफ्तार किया। शव मिलने से एक दिन पहले रात को पत्थर कटिंग फैक्ट्री में ट्रक बैक लेने के दौरान सो रहा श्रमिक टायर से कुचला गया था। डरे-सहमे चालक ने घायल हालत में श्रमिक को सुनसान जगह पत्थर की खान में पटक दिया था, जहां इलाज न मिलने व खून अधिक बहने से तड़प-तड़पकर उसकी मौत हो गई थी।
सहायक पुलिस आयुक्त (प्रतापनगर) नीरज शर्मा ने बताया कि गत 30 अक्टूबर को चोपड़ के पास पत्थर की खान में आगोलाई निवासी संतोष पुत्र घेवरराम दमामी का संदिग्ध हालात में शव मिला था। कमर से नीचे का हिस्सा व दोनों पांव बुरी तरह कुचले हुए थे। थानाधिकारी प्रदीप शर्मा के नेतृत्व में पुलिस जांच में सामने आया कि मृतक 29 अक्टूबर की रात धनलक्ष्मी स्टोन नामक कटिंग फैक्ट्री में वह ट्रक की चपेट में आया था। फैक्ट्री की हाइड्रा क्रेन का चालक कंवराराम जाट ट्रक पीछे लेकर फैक्ट्री में खड़ी कर रहा था। तब ट्रक का दाहिना टायर वहां सो रहे संतोष के पांव के ऊपर से निकल गया था। चिल्लाने पर ट्रक रोक चालक नीचे उतरा तो संतोष गंभीर घायल मिला था।
तब चालक ने खुद ही उठाकर घायल को पत्थर की खान में ले गया था और वहां पटक दिया था, जहां उसकी मृत्यु हो गई थी। अपराधिक मानव वध व सबूत मिटाने का मामला दर्ज कर बाड़मेर में सदर थानान्तर्गत सनावड़ा गांव निवासी चालक कंवराराम (20) पुत्र पुरखाराम जाट को गिरफ्तार किया। उप निरीक्षक नरेशचन्द्र शर्मा जांच कर रहे हैं।
खून के धब्बों पर पत्थर व चूरा डाल गायब हुआ
थानाधिकारी प्रदीप शर्मा ने बताया कि कंवराराम पत्थर कटिंग फैक्ट्री में हाइड्रा क्रेन चालक है। 29 अक्टूबर की रात वह खाना खाने ट्रक लेकर एयरफोर्स क्षेत्र में ढाबे पर गया था। खाना खाकर वह रात 10.30 बजे फैक्ट्री लौटा था। वह ट्रक बैक लेकर फैक्ट्री में खड़ी कर रहा था। तब पीछे संतोष टायर के नीचे आ गया था। घायल हालत में उसे खान में पटक दिया था। मौके पर खून ही खून बिखरा था। तब उसने पत्थर का चूरा व मिट्टी डाल दी थी। फिर मालिक को फोन कर पिता के बीमार होने पर गांव जाने का बताकर गायब हो गया था।
ऑयल-ग्रीस व फैक्ट्री में खून के निशान से मिले सुराग
एफएसएल से जांच में मृतक का शरीर किसी भारी-भरकम पत्थर या वाहन से कुचलने की आशंका जताई गई थी। पोस्टमार्टम में शरीर के अंगों व हाथ पर ऑयल ग्रीस लगा मिला था। शव मिलने के आस-पास खून के धब्बों के निशान मिले थे। तब अलग-अलग टीमें बनाकर आस-पास की खान व पत्थर कटिंग फैक्ट्रियों में जांच कराई गई थी। इस दौरान धन लक्ष्मी स्टोन में रास्ते पर पत्थरों का चूरा डाला मिला। संदेह होने पर हटाया गया तो खून के निशान सामने आ गए थे। एफएसएल जांच में खून के धब्बों की पुष्टि हो गई।
कई दिनों से गांव नहीं पहुंचा तो संदेह बढ़ा
मालिक व श्रमिकों से पूछताछ में हाइड्रा क्रेन चालक कंवराराम के शव मिलने से एक दिन पहले गांव निकलने का पता लगा। वह पिता के बीमार होने पर गांव जाने का कहकर निकला था। पुलिस ने गांव में पता किया तो उसके कई दिनों से गांव न आने की बात सामने आई। न ही पिता बीमार थे। लोकेशन के आधार पर पुलिस ने कंवराराम को हिरासत में लिया। पूछताछ में पूरी बात सामने आ गई।
पांच किमी क्षेत्र में सैंकड़ों खान व फैक्ट्रियों में जांच
गत 30 अक्टूबर को शव मिलने के बाद पुलिस ने पांच किमी क्षेत्र में सैंकड़ों पत्थर की खान व पत्थर कटिंग करने वाली फैक्ट्रियों की जांच की। इसके लिए अलग-अलग टीमें बनाई गईं थी।
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