मासूम पुत्र-पुत्री का रस्सी से गला घोंट मां ने टांके में कूद दी जान

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जोधपुर/भोपालगढ़.
जिले के भोपालगढ़ थानान्तर्गत सुरपुरा खुर्द गांव में एक महिला ने सोमवार को मासूम पुत्र-पुत्री का रस्सी से गला घोंटकर हत्या करने के बाद टांके में कूदकर जान दे दी। बच्चों की हत्या के बाद महिला ने भी रस्सी से फंदे पर लटकने का प्रयास किया, लेकिन विफल रहने पर टांके में कूदी होगी। कारणों का पता नहीं लग सका है।
थानाधिकारी सरोज चौधरी ने बताया कि सुरपुरा खुर्द निवासी रेणु पत्नी श्रवणराम जाट का शव घर में बने हौद में मिला। पुत्री योगिता (7) व पुत्र आयुष (9 माह) के शव मकान के कमरे में मिले थे। दोनों बच्चों की रस्सी से गला घोंटकर हत्या की गई थी। परिजन की सूचना पर सुरपुरा खुर्द में रहने वाले पीहर पक्ष के लोग मौके पर पहुंचे। पुलिस भी घटनास्थल पहुंची। वृत्ताधिकारी (भोपालगढ़) धर्मेन्द्र डूकिया व अन्य अधिकारी भी मौके पर आए और जांच की। एफएसएल को बुलाकर साक्ष्य एकत्रित कराए गए। प्रारम्भिक जांच के बाद तीनों शव भोपालगढ़ के सरकारी अस्पताल की मोर्चरी में रखवाए गए, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव परिजन को सौंपे गए। मृतका के भाई महेन्द्र पुत्र भंवरलाल जाट की तरफ से मर्ग दर्ज कर जांच शुरू की गई है।

हत्या कर मां ने फंदे पर लटकने की कोशिश की
पुलिस का कहना है कि मृतका का पति खेती करता है। संभवत: उसके खेत जाने के बाद रेणू ने एक-एक कर पुत्र और पुत्री का रस्सी से गला घोंटा। उन्हें फंदे पर लटकाने की कोशिश भी की गई। फिर महिला ने खुद भी फंदे पर लटककर जान देने का प्रयास किया। अंदेशा है कि वह फंदे पर नहीं लटक पाई तो टांके में कूदकर जान दे दी।

टांके का ढक्कन हटाया तो महिला का शव दिखा
सुबह परिवार का एक सदस्य पानी निकालने के लिए टांके पर गया। उसने जैसे ही हौद का ढक्कन हटाया तो अंदर रेणू का शव दिखाई दिया। उसने घर के अन्य सदस्यों को जानकारी दी। दोनों बच्चे नजर नहीं आए तो वो कमरे में गए, जहां दोनों बच्चे भी मृत पाए गए।

दीपावली पर पीहर रहकर दो दिन पहले लौटी थी घर
मृतका की शादी आठ साल पहले श्रवणराम पुत्र बाबूलाल जाट से हुई थी। जो खेती करता है। दीपावली के रामा-श्यामा पर महिला अपने पीहर गई थी, जहां से 13 नवम्बर की शाम चार बजे ससुराल लौटी थी।

मानसिक परेशान होने की आशंका
मृतका के पीहर पक्ष के साथ ही ससुराल वालों ने हत्या और फिर आत्महत्या का कारण स्पष्ट नहीं किया है। पीहर पक्ष की मानें तो रेणु ने कभी कोई परेशानी का जिक्र नहीं किया था। वह मानसिक परेशान थी। इसी के चलते आत्महत्या की।

मौके पर जुटी ग्रामीणों की भीड़
हत्या व आत्महत्या का पता लगते ही घटनास्थल पर ग्रामीण एकत्रित होने लग गए। पुलिस अधिकारियों के साथ तहसीलदार व अन्य अधिकारी भी मौके पर पहुंचे।



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