अविनाश केवलिया. जोधपुर.
जमीन में निवेश एक समय ट्रेंड था, चूंकि जोधपुर की भौगोलिक स्थिति ऐसी है कि यहां जमीन की उपलब्धता काफी है। इसके लिए कई लोग जमीन में निवेश और बेचान कर मालामाल भी हुए। लेकिन कोरोना के बाद जमीनों में भी ‘न्यू नॉर्मल’ आ गया है। परकोटे में रहने वाले लोग अब जमीन खरीद रहे हैं तो वहां निवास करने के लिए, वह भी तब जब बैंक ऋण मंजूर हो रहा हो। कोविड का काला साया जमीन खरीद-बेचान से काफी हद तक उतर गया है। इन दिनों पंजीयन कार्यालयों में जो रजिस्ट्रियां हो रही हैं, उनका अध्ययन करने और अधिकारियों के फीडबैक के आधार पर अब लोग अपना मकान बनाने के लिए जमीन खरीद रहे हैं। शहर के आउटर एरिया में लोगों का रुझान काफी बढ़ा हैं। कोविड के पहले की स्थितियां अब धीरे-धीरे लौटने लगी हैं। लेकिन कोरोना से पहले जो सोच जमीनें खरीदने के पीछे थी, वह निवेश की रही। लेकिन अब जमीनों में निवेश करने की बजाय, लोग बैंक से लोन लेकर उस पर मकान बनाने में ज्यादा विश्वास कर रहे हैं। यही कारण है कि पंजीयन का जो लक्ष्य है वह भी जिले में काफी हद तक पूरा होता दिख रहा है। इस वित्तीय वर्ष में अक्टूबर तक जमीन बेचान-खरीद से सरकार को 300 करोड़ से ज्यादा राजस्व मिल चुका है।
जमीन बेचान-खरीद से आय
- 488 करोड़ का टारगेट है जोधपुर जिले का 2020-21 का
- 300 करोड़ से ज्यादा का लक्ष्य पूरा हो चुका
- 77.17 प्रतिशत लक्ष्य पूरा हुआ अब तक
- 9.5 करोड़ थी दूसरी लहर की पीक में जमीन बेचान से राजस्व
- 42 करोड़ के करीब है एक माह में अब सरकार का राजस्व
दूसरी लहर के दौरान ट्रेंड
माह ---------- दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण ----- आय लाखों में
अप्रेल -------- 8515 ---------------- 2862
मई --------3074 ---------------- 957
जून -------- 11561 ---------------- 3389
लॉकडाउन के बाद
माह ---------- दस्तावेज रजिस्ट्रीकरण ----- आय (लाखों में)
जुलाई -------- 14167 -------------- 4006
अगस्त -------- 13195 -------------- 3632
सितम्बर -------- 14404 -------------- 4116
अक्टूबर -------14357 -------------- 4194
पाल रोड नम्बर वन तो पाली रोड दूसरी
अगर बात दिशा के अनुरूप शहर के बढऩे की करे तो सबसे ज्यादा क्रेज पाल व चौपासनी पर ही देखा गया है। दूसरे नम्बर पर पाली रोड है। लेकिन शिकारगढ़ क्षेत्र पिछले कुछ समय में काफी आगे बढ़ रहा है।
इनका कहना...
कोविड के पहले जो स्थितियां थी, अब वह लौट रही है। धीरे-धीरे हालात सामान्य हो रहे हैं। लोग अब अपने मकान बनाने के लिए जमीन खरीद रहे हैं। बाहरी क्षेत्रों में लोगों का रुझान ज्यादा है।
- महीपाल भारद्वाज, उप महानिरीक्षक, पंजीयन एवं मुद्रांक।
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