जोधपुर. डिगाड़ी फांटा से लेकर डिगाड़ी गांव को जोडऩे वाली सडक़ का कार्य पिछले दो महीने से बंद पड़ा है। सार्वजनिक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने आधी-अधूरी सडक़ बनाकर छोड़ दी, जिस पर दिनभर धूल व मिट्टी उडऩे से राहगीरों और वाहन चालकों की बुरी गत हो रही है। श्वास रोगियों का वहां से निकलना मुश्किल हो गया है।
दरअसल खसरा संख्या-63 में स्थित यह सडक़ सेना अपनी जमीन पर होने का दावा करती है। वह चाहती है कि पीडब्ल्यूडी अद्र्धचंद्राकार मोड़ के साथ सडक़ बनाए, लेकिन स्थानीय लोग इसके लिए तैयार नहीं हैं। पीडब्ल्यूडी ने सडक़ का काम बंद कर दिया है। अब दो महीने से सेना व प्रशासन आमने-सामने है और भुगतना आम नागरिकों को पड़ रहा है।
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आमने-सामने
दीपक सिंह चौहान, अधीक्षण अभियंता, पीडब्यूडी
सवाल- सडक़ का काम बंद क्यों कर रखा है ?
उत्तर- सेना ने काम रूकवा दिया है। सेना अपनी जमीन के बीच में से सडक़ निकालने का विरोध कर रही है।
सवाल-आप सडक़ को थोड़ा घुमाकर बना लीजिए ?
उत्तर- दुर्घटनाएं कम करने के लिए सडक़ें हमेशा सीधी बनाई जाती है। अगर वहां थोड़ा घुमाव दिया तो एक्सीडेंट प्रोन एरिया बन जाएगा।
सवाल-आप सेना की जमीन के बीच में सडक़ क्यों निकालना चाहते हो?
उत्तर- हम तो पहले के मार्ग पर ही सडक़ बना रहे हैं। पहले भी यह सडक़ यहीं थी।
सवाल-- ...तो अब समाधान क्या है?
उत्तर- सेना व प्रशासन के मध्य वार्ता चल रही है। जल्द इसका समाधान होगा।
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अभिनव सिंह, रक्षा सम्पदा अधिकारी, जोधपुर वृत्त
सवाल-- आप सडक़ को सीधा निकालने क्यों नहीं दे रहे?
उत्तर- हमारी जमीन दो हिस्सों में बंट जाएगी, जिससे उसका उतना यूटिलाइजेशन नहीं हो पाएगा। हमने थोड़ा सा मोड़ देकर सडक़ बनाने की अनुमति दी है।
सवाल- पीडब्यूडी का कहना है सडक़ पर मोड़ देने से दुर्घटनाएं बढ़ जाएगी?
उत्तर- यह छोटा सा घुमाव है। अभी मुख्यमंत्री अशोक गहलोत का काफिला भी उधर से गया था। कई नागरिक उधर से आ-जा रहे हैं। इस घुमाव से कोई फर्क नहीं पड़ेगा।
सवाल-- जब पहले ही सडक़ आपकी जमीन के बीच में से निकल रही थी तो अब आपत्ति क्यों है?
उत्तर- मैंने लैंड रिकॉर्ड देखें हैं। वर्ष 1970 से लेकर 2010 से यह अद्र्धचंद्राकार सडक़ ही थी। इसके बाद हमारी जमीन के बीच में से सडक़ निकाली गई है हालांकि उस समय पता नहीं चला। वर्ष 2019 में हमारी एक तरफ जमीन पर कुछ लोगों ने कब्जा करके मंदिर बना लिया तब जाकर हकीकत सामने आई इसलिए अब सडक़ 2010 से पहले वाले मार्ग पर ही बननी चाहिए।
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