दीपावली पर चार ग्रहों के दुर्लभ संयोग से बरसेगी लक्ष्मी कृपा

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जोधपुर. अज्ञानता, निराशा और अंधकार को मिटाकर समृद्धि का उजियारा करने वाले महापर्व दीपावली को इस बार चार ग्रहों का दुर्लभ संयोग सभी के जीवन में समृद्धि लाएगा। दीपावली पर आज चार ग्रहों का विशेष संयोग बन रहा है। इस योग में एक ही राशि में चार ग्रह गोचर करेंगे। इसी दिन सूर्य, बुध, मंगल और चंद्रमा तुला राशि में गोचर करेंगे। चार ग्रहों की इस युति से दीपावली के दिन शुभ योग बन रहा है। इस शुभ योग में दीपावली का त्योहार बहुत शुभ रहेगा। सभी पर देवी लक्ष्मी की कृपा रहेगी। इस शुभ योग से विभिन्न राशियों के लोगों को फायदा पहुंचाएगा।

चार ग्रहों की युति
ज्योतिषियों के अनुसार इस बार चार नवंबर को दिवाली बेहद शुभ संयोग में मनाई जाएगी। इस बार दीपावली पर चार प्रमुख ग्रहों की युति हो रही है जिसमें इस दिन सूर्य, बुध, मंगल और चंद्रमा तुला राशि में मौजूद रहेंगे। तुला राशि में सूर्य मौजूद रहेगा, जो 17 अक्टूबर को प्रवेश करेगा और 16 नवंबर तक रहेगा। सूर्य ग्रहों का राजा है। इसके कारण ये हर किसी के लिए शुभता लेकर आएगा। तुला राशि में बुध ग्रह भी रहेगा। यह 2 नवंबर की सुबह 9.53 मिनट पर तुला राशि में गोचर करेंगे। मार्गी अवस्था में गोचर करते हुए ये 21 नवंबर को वृश्चिक राशि में प्रवेश कर जाएंगे। बुध ग्रहों के राजकुमार हैं, जिसके कारण धन लाभ और बिजनेस में बढ़ोतरी होगी। तुला राशि में मंगल ग्रह भी प्रवेश कर रहा है। मंगल ग्रहों का सेनापति है। तुला राशि में चंद्रमा भी प्रवेश कर रहा है। चंद्रमा को मन का कारक माना जाता है। वहीं सूर्य को पिता और चंद्रमा को माता का कारक माना जाता है। ग्रहों की युति से सभी राशियों को शुभ फल व धन प्राप्ति तथा मान- सम्मान और पद- प्रतिष्ठा में बढ़ोतरी होगी।

अमावस्या तिथि
अमावस्या तिथि प्रारंभ 4 नवंबर सुबह 6.03 मिनट से
अमावस्या तिथि का समापन 5 नवंबर की सुबह 2.44 मिनट पर

इस विशेष संयोग में लक्ष्मी पूजन का महत्व
दीपावली के दिन सूर्य, बुध, मंगल और चंद्रमा तुला राशि में गोचर करेंगे। तुला राशि के स्वामी शुक्र हैं और लक्ष्मी जी की पूजा के लिए शुक्रवार का दिन सबसे अच्छा माना जाता है, क्योंकि लक्ष्मी जी की पूजा से शुक्र ग्रह के शुभ परिणाम और बढ़ जाते हैं। ज्योतिष के अनुसार शुक्र ग्रह अच्छी जिंदगी, सुख-सुविधाओं आदि का कारक होता है, जबकि सूर्य ग्रहों के राजा, मंगल को ग्रहों के सेनापति और बुध ग्रहों के राजकुमार माने जाते हैं। वहीं चंद्रमा को मन का कारक होता है। इसके अलावा सूर्य पिता तो चंद्रमा को माता माना गया है। ऐसे में जब ये सभी शुभ ग्रह एक साथ एक ही राशि में रहते हैं तो सभी लोगों के लिए बहुत ही शुभ परिणाम देते हैं।

महालक्ष्मी के साथ विष्णु पूजन शुभ
दीपावली पर लक्ष्मी जी और गणेश पूजा का विधान है। इसके अलावा हनुमान, यमराज, चित्रगुप्त, कुबेर, भैरव, कुलदेवता और अपने पितरों का पूजन भी जरूर करें। धन की देवी मां लक्ष्मी के साथ भगवान विष्णु का भी पूजन करना भी शुभ है।



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