जोधपुर. मौसम में ठंडक से हुए बदलाव से आम जनजीवन ही नहीं बल्कि माचिया जैविक उद्यान के पिंजरों में कैद वन्यजीवों की दिनचर्या भी बदलने लगी है। मौसम में आए बदलाव के मद्देनजर वन्यजीवों को सर्दी से बचाव के लिए वनविभाग ने भी इंतजाम करने शुरू कर दिए हैं। जंगल के राजा बब्बर शेर जीएस और आरटी, बाघ एंथोनी व बाघिन अम्बिका एवं पैंथर सोनू तथा नाणा और बेड़ा को सर्दी से बचाव के लिए पिंजरों में पर्दे बांस की टाटिया व रूम हीटर लगाए गए हैं। तापमान में गिरावट को देखते हुए पक्षी कक्ष के विभिन्न प्रजातियों के पक्षियों के लिए भी पर्दे लगाए गए हैं। कैट प्रजाति के सभी वन्यजीव रविवार को दिनभर मोट्स परिसर में धूप सेवन करते नजर आए। हालांकि बाघ एंथोनी एनक्लोजर परिसर में चक्कर काटता रहा। मगरमच्छ और घडिय़ाल भी जलकुण्ड की बजाए बाहर ही धूप का सेवन करते नजर आए।
खुराक में हुआ बदलाव
माचिया जैविक उद्यान के वन्यजीवों को मल्टी विटामिनयुक्त सीरप के साथ खुराक व सामग्री बढ़ाई जा रही है। वन्यजीव चिकित्सक डॉ. ज्ञानप्रकाश ने बताया कि शाकाहारी वन्यजीवों के लिए सर्दी के मौसम में फलों तथा शेष वन्यजीवों के लिए अधिक ऊर्जा व विटामनयुक्त अतिरिक्त खाद्य सामग्री दी जाएगी। मौसमी बीमारियों से बचाव के लिए रोग प्रतिरोधक क्षमता वाली सीरप आरंभ की गई है। वन्यजीव चिकित्सा सहायक महेद्र गहलोत ने बताया कि नियमित डाइट में विशेष रूप से लहसुन-अदरक की मात्रा बढ़ाई गई है। सूखे चारे में कुछ बढ़ोतरी की गई है।
बचाव के जतन
माचिया जैविक उद्यान के वन्यजीवों को ठंडी हवाओं से बचाने के लिए एन्कलोजर व शेल्टर हाउस में पर्दे लगाए गए हैं। कुछ पिंजरों में हीटर की व्यवस्था की गई है । चिकित्सकीय परामर्श अनुसार सर्दीजनित रोगों से बचाव के लिए वन्यजीवों को मल्टी विटामिन सिरप एवं खुराक शुरू की गई है।
विजय बोराणा, उपवन संरक्षक ( वन्यजीव ) जोधपुर
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