अस्पतालों में कतारें, वायरस ऐसे कि 10 दिन तक नहीं टूट रहा बुखार

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जोधपुर. संभाग के सबसे बड़े मथुरादास माथुर अस्पताल में मरीजभार काफी बढ़ा हुआ है। यहां रूटिन दिनों में भी 2 से ढाई हजार की आउटडोर रहती है, वहीं मौसमी बीमारियों की सीजन में 1 हजार मरीज प्रतिदिन बढ़ गए हैं। रविवार को अवकाश के बावजूद मौसमी बीमारियां व अन्य मरीज मिलाकर भर्ती मरीजों की संख्या 159 के पार रहीं। सोमवार को भी करीब पौने दो सौ मरीज भर्ती हुए और करीब तीन हजार का आउटडोर रहा है। किसी को डेंगू आ रहा है और किसी को केवल वायरल बुखार होने की आशंका है। इस बीच ज्यादातर लोगों की शिकायतें आ रही हैं कि उन्हें दस-दस दिन तक बुखार नहीं टूट रहा है।
एमडीएम अस्पताल अधीक्षक डॉ. महेंद्र आसेरी ने बताया कि मौसमी बीमारियों के सीजन के चलते भी अस्पताल में भीड़ बढ़ी हुई है। अस्पताल में समुचित रूप से व्यवस्था बनाकर सभी का इलाज चल रहा है। दिवाली के अवकाश के चलते भी सोमवार को अत्यधिक भीड़ पड़ी, जो लोग त्योहारों में न आ सके, वे भी अब अस्पताल पहुंच रहे हैं। मेडिसिन विभाग के सीनियर प्रो. डॉ. नवीन किशोरिया ने कहा कि आजकल डेंगू से रिकवर होने में भी लोगों को समय लग रहा है। कॉम्पिलिकेशन भी ज्यादा देखने को मिल रहे है। ब्रेन फीवर ज्यादा आ रहा है। प्लेटलेट्स भी तेजी से घट रही है। कोविड के कारण लोगों की इम्यूनिटी भी डिस्टर्ब हुई हैं।


इधर, डेंगू ने बढ़ाई चिंता, दिवाली बाद भी नहीं घट रहा डेंगू

जोधपुर में लगातार अभी तक कार्ड व एलाइजा टेस्ट के जरिए डेंगू केस सामने आ रहे है। मौसम में ठंडक घुलने के बावजूद भी डेंगू वायरस का प्रकोप कम नहीं हुआ है। साल 2019 में भी दिवाली के कई दिन बाद तक डेंगू केस आए थे। उस समय आंकड़ा 12 सौ पार कर गया। अभी यह आंकड़ा 900 पर चल रहा है।

6 साल पहले डेढ़ हजार पार थे केस

जोधपुर जिले में गत 6 वर्ष पूर्व डेंगू का कहर सर्वाधिक देखने को मिला था। उस साल केस 1520 पार कर गए थे। उसके बाद साल 2019 में 1227 केस आए थे। इस वर्ष स्वास्थ्य विभाग ने एंटी लॉर्वल गतिविधियां जुलाई-अगस्त में शुरू कर दी थी। उसके बावजूद सितंबर-अक्टूबर में केस नहीं रुके और निरंतर बढ़ रहे हैं।

अब तेज सर्दी से उम्मीद
उम्मीद है कि तेज सर्दी में डेंगू कम पड़ेगा। जिन घरों व क्षेत्रों में जमा पानी में लार्वा नष्ट नहीं हुआ है तो वहां केसेज आ सकते हैं। ऐसे में लोगों को भी सचेत रहना होगा। सर्दी में लोग फूल बाजू के कपड़े पहनेंगे और एडल्ट मच्छर भी 6-7 दिन से ज्यादा जिंदा नहीं रहता है।

- डॉ. प्रीतमसिंह सांखला, डिप्टी सीएमएचओ



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