सिकन्दर पारीक
जोधपुर. न्यू इंडिया विजन 2022 के ख्वाब के साथ कदमताल कर रहे प्रदेश के पांच जिलों के कदम रिक्त पदों की भरमार से लडख़ड़ा रहे हैं। मासिक रैकिंग में तो नम्बर आ रहा है लेकिन आधारभूत ढांचे में सुधार नहीं दिख रहा। इसका कारण जिला कलक्टर रिक्त पदों को बता रहे हैं। रैकिंग गिरने का सीधा असर केन्द्र से प्राप्त फंड पर पड़ता है।
प्रथम रैंक पर 10 करोड़, द्वितीय पर 5 करोड़ और विभागवार प्रथम रहने पर तीन करोड़ का फंड जिले को आवंटित होता है। नीति आयोग ने जनवरी 2018 से लेकर 2022 तक स्वास्थ्य, शिक्षा, कृषि, जल, कौशल विकास और आधारभूत ढांचे के आधार पर देश के पिछड़े 117 जिलों का चयन आशान्वित जिलों के रूप में किया है। प्रदेश के जैसलमेर,बारां, करौली, धौलपुर और सिरोही शामिल है। विभिन्न 49 मानकों पर इनकी मासिक रैकिंग होती है। इन जिलों को सर्वश्रेष्ठ बनाने की मंशा है।
शत प्रतिशत पद भरने के थे निर्देश
मुख्य सचिव ने 11 अक्टूबर 2019 को चयनित जिलों में जिला और ब्लॉक स्तरीय कर्मचारियों के पद रिक्त नहीं रखने के निर्देश जारी किए, लेकिन स्थिति पूर्ववत है। बारां में विभिन्न विभागों में 2276, सिरोही में 1106 पर रिक्त है तो धौलपुर में केवल ग्रामीण विकास प्रकोष्ठ में ही करीब 340 पद रिक्त चल रहे हैं।
कलक्टर्स की चिंता
- सिरोही कलक्टर ने कहा कि मुख्य विभागों में 50 फीसदी पद रिक्त है।
- आईसीडीएस में वजन एवं ऊंचाई मापने के साधन तक नहीं है।
- कृषि विभाग में मिट्टी परीक्षण लैब नहीं है।
- जैसलमेर, करौली व धौलपुर कलक्टर के अनुसार रिक्त पदों से लक्ष्य अर्जित करने में परेशानी होती है।
अगस्त की रैकिंग
बांरा -41
धौलपुर- 29
जैलसमेर- 64
करौली- 26
सिरोही- 56
इनका कहना है
रैकिंग के लिए पूरे प्रयास जारी है। कई विभागों में रिक्त पद से दिक्कत आ रही है। आईसीडीएस को ही देखिए कई पद खाली हैं।
भगवतीप्रसाद कलाल, सिरोही
आंकड़े हर माह अलग-अलग रहते हैं। सरहदी जिले के विभागों में कई पद रिक्त है, इस संबंध में राज्य सरकार को अवगत करवा दिया गया है।
-आशीष मोदी, जिला कलक्टर, जैसलमेर
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