सीमा पार फिर बढ़ी सैन्य गतिविधियां, महीने में दूसरी बार पहुंचे बाजवा

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सुरेश व्यास/जोधपुर। राजस्थान से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा के पार एक बार फिर पाकिस्तानी सेना की बढ़ी हुई गतिविधियां नजर आई है। इतना ही नहीं, एक महीने में दूसरी बार पाकिस्तानी सेनाध्यक्ष जनरल कमर जावेद बाजवा की सीमा पार मौजूदगी पाकिस्तानी सेना की असामान्य गतिविधियों का संकेत भी दे रही है।

जनरल बाजवा ने गुरुवार को बीकानेर के सामने स्थित बहावलपुर की असरानी और खैरपुर तामेवाली (केपीटी) फायरिंग रेंज में पाकिस्तानी फौज की ऑफेंसिव एक्सरसाइज का जायजा लिया और वहां मौजूद सैन्य कर्मियों से बातचीत के दौरान आक्रामक अंदाज में कहा कि सेना हर तरह से तैयार है। बहावलपुर के कोर कमांडर लेफ्टिनेंट जनरल खालिज जिया समेत पाकिस्तानी सेना व वायुसेना के कई वरिष्ठ अधिकारी भी जनरल बाजवा के साथ थे। केपीटी रेंज में पाकिस्तानी सेना की आर्मर, मैकेनाइज्ड इंफैंट्री, आर्टिलरी, एयर डिफेंस व एंटी टैंक गाइडेड मिसाइल यूनिटों ने सेनाध्यक्ष के सामने फायर-पॉवर का प्रदर्शन किया। पाकिस्तानी वायुसेना व सेना के अटैक हेलिकॉप्टर भी युद्धाभ्यास में फायरिंग करते दिखे।

ये संकेत स्वाभाविक नहीं
सैन्य विशेषज्ञों का मानना है कि आमतौर पर युद्धाभ्यास सांकेतिक और डिफेंसिव अंदाज में होते हैं, लेकिन पाकिस्तानी सेना की स्ट्राइक कोर की देखरेख में केपीटी रेंज के ऑफेंसिव युद्धाभ्यास को सामान्य गतिविधि से इतर देखना होगा। पिछले एक महीने से पाकिस्तानी सेना की राजस्थान के सामने वाले इलाके में बढ़ी गतिविधियां कुछ खास तैयारी का संकेत भी माना जा सकता है।

चौंकाता है बाजवा का बार-बार आना
बाजवा का एक महीने में दूसरी बार राजस्थान से सटी सीमा पर आना चौंकाने वाला है। सामान्यत: कोई सेनाध्यक्ष एक ही इलाके में इतना सक्रिय नहीं रहता। पिछले महीने बाजवा ने जैसलमेर के सामने वाले इलाके में स्थित पाकिस्तान की पन्नो अकील सैन्य छावनी का दौरा किया था। इस दौरान उनके सामने सालेहपेट फील्ड फायरिंग रेंज में टैंक ब्रिगेड व इंफेंट्री के जवानों ने डिफेंसिव मोड में डेजर्ट वायरफेयर स्किल का प्रदर्शन किया था। इसके अलावा पाकिस्तान गुजरात से सटी सीमा के सामने सिंध के थट्टा जिले के भोलारी कस्बे में स्थापित नए एयरबेस पर भी गतिविधियां बढ़ा रहा है।

नजर रखने की जरूरत
विशेषज्ञों के अनुसार एक तरफ पाकिस्तान राजस्थान से सटे इलाके में गतिविधियां बढ़ा रही है, वहीं सर्दी के मौसम का फायदा उठाकर चीन लेह-लद्दाख व पूर्वी सीमा पर फिर सक्रिय हो रहा है। भारतीय सशस्त्र सेनाएं हालांकि हर हालात का मुकाबला करने में सक्षम हैं। फिर भी चीन-पाकिस्तान के सैन्य गठजोड़ पर भी नजर रखने की जरूरत महसूस होने लगी है।



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