जोधपुर.
डांगियावास थाना पुलिस ने रूड़कली गांव में चोरी करने की नीयत से मकान में घुसने के बाद वृद्धा की हत्या कर भागने वाले दो बाल अपचारियों को संरक्षण और एक युवक को रविवार को गिरफ्तार किया। युवक ने अन्य के साथ मिल अकेले वृद्धों के मकान से लाखों के आभूषण व रुपए चुराने की साजिश रची थी। तीन वृद्धों के मकान की रैकी कर चुके थे और पहले ही प्रयास में फंस गए थे।
सहायक पुलिस आयुक्त (मण्डोर) राजेन्द्र प्रसाद दिवाकर ने बताया कि प्रकरण में दो बाल अपचारियों को संरक्षण और रूड़कली निवासी सुनील (25) पुत्र भंवरलाल सरगरा को गिरफ्तार किया गया। सुनील वारदात का मास्टर माइण्ड है। इस मामले में चार जनों ने चोरी की थी। जाग होने पर वृद्धा शांतिदेवी की हत्या कर फरार हो गए थे। वारदात में तीन और जने भी शामिल थे। इनमें एक सुनार भी है। पुलिस शेष तीन अन्य की तलाश के प्रयास कर रही है।
थानाधिकारी कन्हैयालाल ने बताया कि सुनील ने अन्य आरोपियों के साथ मिलकर अकेले रहने वाले वृद्धों के मकानों को निशाना बनाकर चोरी करने की साजिश रची थी। पिछले एक महीने से रैकी कर रहे थे। गिरोह ने रूड़कली में सोनाराम सरगरा के साथ ही रामासनी व जैतिवास गांव में भी एक-एक वृद्ध के मकान की रैकी कर चुके थे। सोनाराम के मकान में पहली वारदात करने पहुंचे थे, लेकिन हत्या के मामले में फंस गए।
लाखों के आभूषण बनाने पर सुनार ने दी थी जानकारी
सोनाराम सरगरा का नागौरी गेट में एक मकान है। जिसका 15 हजार रुपए मासिक किराया आता है। कुछ महीने पूर्व ही पुत्री के मायरे में चार-पांच लाख रुपए खर्च किए थे। सोनाराम ने एक सुनार से लाखों के आभूषण बनवाए थे। उसी ने मास्टरमाइण्ड को सूचना दी थी।
बिहार से लाए थे क्लोरोफॉर्म व दस्तावेज
अकेले रहने वाले वृद्धों के मकानों से लाखों के आभूषण व रुपए पर हाथ साफ करने के लिए बिहार से क्लोरोफॉर्म की दवाई लाए थे। फिंगर प्रिंट से बचने के लिए हाथों के दस्ताने भी लेकर आए थे। आरोपियों ने रूमाल में क्लोरोफॉर्म की दवा डाली थी। जिससे वृद्धा का मुंह व नाक दबाया था और संभवत: उसी से हत्या हुई थी।
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