जोधपुर. एम्स अस्पताल के सामने आजाद मेडिकोज दुकान नं. 8 पर एक मरीज को कुछ माह पूर्व डॉक्टर की परामर्श पर्ची दिखाने के बावजूद फुंसी की बजाय यूरीन दवा पकड़वाने को जोधपुर सहायक औषधि नियंत्रण संगठन विभाग ने तीन दिन के लिए लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है। सहायक औषधि नियंत्रण राकेश वर्मा ने शिकायत आने के बाद पूरा मामला गंभीरता से लिया। औषधि नियंत्रण अधिकारी आशीष गज्जा व पंकज गहलोत ने निरीक्षण व विभिन्न तरह से जांच कर आजाद मेडिकोज को जांच में दोषी पाया। दुकान का लाइसेंस 11 से 13 नवंबर तक यानी तीन दिन के लिए सस्पेंड किया है। ये औषधि विक्रेता सस्पेंड अवधि के दौरान किसी प्रकार का क्रय-विक्रय नहीं कर सकेगा। जयनारायण व्यास विश्वविद्यालय के बीए फाइनल छात्र रामप्रसाद ने जुलाई माह में इस मेडिकल स्टोर से दवा ली थी। मौजूद दुकानदार ने गलत दवा पकड़वा दीं। आजाद मेडिकोज पर स्कीन की बजाय यूरीन की दवा रामप्रसाद को दे दी गई। इससे रामप्रसाद के शरीर पर लाल चकत्ते, पेट में सूजन व घाव हो गया। उल्टी और मल में खून आने लगा। कुछ दिन वह अपने पैतृक गांव खींवसर के निजी अस्पताल में भर्ती तक रहा। इस संबंध में राजस्थान पत्रिका ने 17 अक्टूबर को खबर प्रकाशित कर मामला उजागर किया था। उसके बाद औषधि विभाग ने कार्रवाई तेज कर मेडिकल स्टोर का लाइसेंस सस्पेंड कर दिया।
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