जर्मनी में आयोजित प्रदर्शनी के लिए निर्यात का झांसा देकर होटल व्यवसायी से धोखाधड़ी

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जोधपुर.
जर्मनी में आयोजित ज्वैलरी प्रदर्शनी के लिए एंटीक आभूषण प्रदर्शित करने का झांसा देकर कायलाना रोड पर अखेराजजी का तालाब स्थित होटल में व्यवसायी से पांच लाख रुपए अग्रिम देकर 65 लाख रुपए आभूषण ऐंठ लिए। चेक को बैंक में लगाने पर आरोपी का खाता बंद मिला। मोबाइल पर सम्पर्क न होने पर होटल व्यवसायी ने प्रतापनगर थाने में एक महिला सहित चार व्यक्तियों के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया।
पुलिस के अनुसार अखेराजजी का तालाब होटल लेक व्यू के संचालक भानु प्रतापसिंह पुत्र नारायणसिंह भाटी ने मूलत: मध्यप्रदेश हाल दिल्ली निवासी विक्रमसिंह पुत्र सरताजसिंह, गूंजन आहूजा, चौहाबो निवासी मनीष पुत्र देवीकिशन अरोड़ा व अजमेर निवासी उसके बहनोई संजय अरोड़ा के खिलाफ धोखाधड़ी का मामला दर्ज कराया। आरोप है कि मनीष और उसके बहनोई संजय के होटल पर आने से संचालक भानुप्रतापसिंह की अच्छी जान-पहचान हो गई थी।

इन दोनों ने जून 2017 में विक्रांत व गुंजन से मिलाया। जिसने हैण्डीक्राफ्ट के एंटीक सामान निर्यात करने का व्यवसाय होने की जानकारी दी थी। उसकी बातों में आकर होटल व्यवसायी ने एंटीक सामान दिखाए। जिनमें से लकड़ी की तीन छतें, छकड़ा व कुएं का अरट 12 लाख रुपए में खरीदा। जुलाई में भुगतान भी कर दिया था। इससे व्यवसायी ने उस पर भरोसा कर लिया।
गत वर्ष मार्च में चारों फिर से होटल आए। विक्रांत ने गुंजन को अपनी पत्नी बताया और कहा कि वो जर्मनी में एंटीक जेवर की प्रदर्शनी लगा रही है। जिसके लिए सौ वर्ष से पुराने एंटीक आभूषण खरीदने की जरूरत बताई। इस पर विक्रांत ने अपनी परदादा के जमाने का सोने का कंदोरा, तिमणिया व बाजूबंद दिखाए थे। जिनमें हीरे-पन्ने थे। माणक मोती का काम हो रखा था। इन्हें 65 लाख रुपए में खरीदना तय हुआ था। विक्रांत व गुंजन ने पांच लाख रुपए अग्रिम दिए और शेष 60 लाख रुपए छह महीने बाद यूरोप से लौटने पर देने का वादा किया था। बदले में 60 लाख रुपए का चेक भी दिया था। जो उनके न लौटने पर बैंक में लगाना था। छह महीने बाद होटल व्यवसायी ने उनसे सम्पर्क करने का प्रयास किया, लेकिन मोबाइल बंद मिला। उन्होंने बैंक में चेक लगाया, लेकिन यह चेक एक सितम्बर को खाता बंद होने की जानकारी के साथ अनादरित हो गया था। व्यवसायी ने सम्पर्क करने की कोशिश की, लेकिन चारों से बात नहीं हो पाई।



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