जोधपुर. कोरोना महामारी के दौर में डेंगू का भयावह रूप नजर आने लगा है। इधर, शहर में सिंगल डोनर प्लेटलेट्स किट नहीं है, कई जनों को प्लेटलेट्स डाउन होने पर उन्हें प्लेटलेट्स तक मुहैया नहीं हो रही है। शहर में लोग प्लेटलेट्स को लेकर गिड़गिड़ा रहे हैं। वहीं कई सेवाभावी लोग आधी रात जाकर इमजरेंसी में प्लेटलेट्स डोनेशन कर रहे हंै।
बाबा रामदेव समाज सेवा संस्थान के अध्यक्ष करणसिंह राठौड़ ने बताया कि निजी अस्पताल में भर्ती मोहित बोराणा को ए पॉजिटिव एसडीपी की जरूरत देर रात पड़ गई। इस पर युवा रक्तदाता कमलेशसिंह सिसोदिया ने निजी ब्लड बैंक जाकर एसडीपी डोनेट की। राठौड़ ने कहा कि शहरभर में प्लेटलेट्स को लेकर मारामारी चल रही है, दिनभर में अनेक फोन उनके पास आ रहे हैं।
संभाग भर में मच्छरों का प्रकोप
जोधपुर संभाग के सभी जिलों में मच्छरों का प्रकोप है। पूरे संभाग में 255 केस मलेरिया, 751 केस डेंगू और 7 केस चिकनगुनिया के सामने आए हैं।
ये हैं संभाग में डेंगू की स्थिति
जिले - डेंगू आंकड़ा
जोधपुर. 318
जैसलमेर-89
पाली-70
सिरोही-6
बाड़मेर-268
जालोर-0
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एसएनएमसी के डॉक्टरों को राज्य स्तरीय टीमों में लगाया
डेंगू को लेकर हालात विकट नजर आने लगे हैं। राज्य सरकार ने डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के डॉक्टरों को भी अन्य जिलों में क्वालिटी उपचार, गतिविधियों, घर-घर सर्वे, वैक्टर नियंत्रण व उचित रैफरल सहित मॉनिटरिंग के लिए राज्य स्तरीय टीमों में शामिल किया है। मेडिसिन से डॉ. श्याम माथुर, पीएसएम से डॉ. सुमन भंसाली को बाड़मेर, मेडिसिन के डॉ. आलोक गुप्ता, पीएसएम के डॉ. अफजल हकीम को जालोर, डॉ. आलोक गुप्ता व डॉ. अफजल हकीम को सिरोही भी दिया गया है। मेडिसिन के प्रो. डॉ. मनोज लाखोटिया व पीएसएम की डॉ. रीता मीणा को पाली, डॉ. श्याम माथुर व सुमन भंसाली को जैसलमेर दिया गया है। जोधपुर में डॉ. मनोज लाखोटिया व डॉ. रीता मीणा व डॉ. बीएल मीणा को जोधपुर दिया गया है। सभी के साथ एक और तीसरा अधिकारी दिया गया है।
60 से अधिक हैं डेंगू केस
जोधपुर में डेंगू के रैपिड कार्ड टेस्ट व एलाइजा टेस्ट से बुधवार को 60 से अधिक मामले सामने आए हैं। प्रशासन के लिए डेंगू रोक पाना मुश्किल होता जा रहा है।
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