जेठमल शर्मा
लवेरा बावड़ी. पंचायतराज चुनाव में यह कस्बा काफी चर्चित रहा। यहां कांग्रेस के 9,भाजपा 5 व रालोपा के 7 सदस्य जीतकर आए। कयास थे कि कांग्रेस तीसरी बार फिर प्रधान की सीट लेने में कामयाब हो जाएगी। लेकिन, राजनीति तो राजनीति होती है। रोलोपा के साथ भाजपा के हाथ मिले और प्रधान की कुर्सी कांग्रेस के खाते से खिसक गई। रोलोपा का प्रधान यहां काबिज हुआ। प्रधान के समक्ष राजनीति से लेकर कई चुनौतियां है। कैसे करेंगी निपटारा और क्या है प्राथमिकताएं.़..जानिए प्रधान से।
1- पांच वर्ष की आपकी प्राथमिकताएं क्या रहेगी?
- पंचायत समिति मुख्यालय पर हेल्प डेस्क खोलना, गांव ढाणी के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को मूलभूत सुविधाओं से जोडऩा, बिजली-पानी-सड़क जैसी सुविधा देना, बालिका शिक्षा के साथ खेलों को बढावा देंगे।
2- प्राथमिकताओं को पूरा करने में क्या चुनौतियां मानते हैं?
- सिस्टम हैंग हो चुका हैं। सुधार की जरूरत रहेगी। जनता के काम में जो भी चुनौतियां आएगी, उसका समाधान करेंगे।
3- चुनाव में आपने क्या सीखा?
-जनता के बीच जाते हैं तो वास्तविकता से रू-ब-रू होते हैं। लोग आज भी समस्याओं के निस्तारण के लिए चक्कर लगाते रहते हैं।
4-राजनीति में रोल मॉडल कौन है?
- हनुमान बेनीवाल राजनीति में मेरे रोल मॉडल है।
5- स्थाई समितियों से लेकर अन्य बैठकों में खानापूर्ति की शिकायत रहती हैं। ऐसा ही चलेगा या बदलाव होगा?
- सुधार के पूरे प्रयास किए जाएंगे। खानापूर्ति नही होगी। बैठक में सभी की उपस्थिति होगी और प्रस्तावों पर काम होगा। बैठक के परिणाम आपके सामने आएंगे।
6- महिला जनप्रतिनिधियों पर अक्सर रबड़ स्टांप का ठप्पा लगता है क्योकि उनका काम कार्य घर के पुरूष सदस्य करते हैं। आपका मत?
- सामाजिक सरोकार के साथ ही प्रधान का कार्य भी सहजता से करूंगी। सुझाव सभी से लेंगे।
पंचायत समिति की स्थिति
भोपालगढ व ओसियां की कुछ पंचायतों को बावड़ी में शामिल कर 2010 में बावड़ी को समिति की सौगात मिल गई। पहले चुनाव में बावड़ी में कांग्रेस का प्रधान निर्वाचित हुए। 2015 के चुनावों में फिर कांग्रेस का प्रधान बना। अब 2021 के चुनावों में रालोपा व भाजपा ने मिलकर प्रधान बनाया है।
समिति की राजनीतिक स्थिति
पंचायत समिति बावड़ी में अब तक तीन चुनाव हुए हैं। 2010 में बनी पंचायत समिति ओसियां व भोपालगढ विधानसभा के गांवों को लेकर नई समिति बनी उसके बाद पहले चुनाव में 17 सदस्य चुने गए। प्रधान कांगे्रस की सम्मूदेवी बनी। 2015 के चुनाव में परिसीमन के बाद सदस्य संख्या बढकर 21 हो गई। कांग्रेस व भाजपा दस दस सीटें लेकर आई। और एक निर्दलीय चुनाव जीतकर आई। कांग्रेस फिर अपना प्रधान बनाने में कामयाब रही। अल्लाराम मेघवाल प्रधान की कुर्सी पर काबिज हो गए। 2021 के चुनावों में कांग्रेस 9,भाजपा 5 व रालोपा 7 सीटों पर चुनाव जीत पाई। रालोपा व भाजपा ने हाथ मिला लिया और प्रधानी रालोपा को दे दी।
जानिए प्रधान के बारे में
ग्रेजुएट प्रधान अनिता राजूराम खोजा कुशल गृहिणी भी हैे। मैलाणा हनुमान सागर खोजों की ढाणी की हैं। प्रधान के अनुसार वे आज भी घर में माटी के चूल्हे पर ही खाना बनाती है। पशुपालन के तौर पर गाय भी रखती है। बाजरी के सोगरे के साथ ही काचर, ग्वारफली, टिंडसी, केर सांगरी की सब्जी पसंद हैं।
31 वर्षीय प्रधान अनिता के पति राजूराम खोजा राष्टीय लोकतांत्रिक पार्टी के प्रदेश उपाध्यक्ष हैं। प्रधान के ससुर रामपाल चौधरी फौजी रह चुके हैं। अनिता का पीहर गोदावास हैं। पिता बाबुलाल चौधरी बीएसएफ जैसलमेर में तैनात हैें। प्रधान अनिता के एक पुत्री व एक पुत्र हैे।
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