जोधपुर।
मैं स्वाति दवे हूं और मैने बिजनेस इंटरनेशनल में एमबीए किया है। कहते है कि अच्छे पैकेज वाली जॉब छोड़कर नया काम शुरू करना आसान निर्णय नहीं होता, पर जिन्दगी को अपनी शर्तों पर जीने व अपने शौक को व्यवसाय बनाने की इच्छा ने सारी राहें आसान कर दी। पढ़ाई के दौरान ही खुद का एक्सपोर्ट बिजेनस करने की सोची, ऑर्डर मिलने लगे लेकिन बड़े ऑर्डर्स को पूरा करने के लिए एक बैंक ने नए उद्यमी के रूप में लोन देने से मना किया तो इससे भी सबक सीखा। खुद का पैसा बनाने की सीख लेते हुए कुछ समय जॉब कर अनुभव व पैसे कमाने के उद्देश्य से आईडीबीआई बैंक में नौकरी की। बैंक में असिस्टेंट मैनेजर पद पर अच्छी खासी सेलेरी ले रही थी। इसके बाद भी संतुष्टि नहीं मिली, तो जॉब छोड़ दिया। इसके बाद मैने अपना शौक, टूरिस्ट प्लेसेज, रीसॉट्र्स व होटल्स के बारे में जानना, वहां जाना, घूमना-फिरना, को पूरा करने के लिए ट्रेवल डिजाइन का काम शुरू किया व एक ट्रेवल कंपनी माइल्स एण्ड स्माइल्स बनाई, जिसका अच्छा रेस्पाँस मिला।
--
कोविड से मिला सोशल मीडिया पर आने का आइडिया
बिजनेस अच्छा चल रहा था लेकिन वैश्विक कोविड-19 से ट्रेवल बिजनेस ठप हो गया। ऐसे बुरे वक्त ने नया आइडिया दिया और सोशल मीडिया पर अपनी उपस्थिति दर्ज कराई। यूट्यूब चैनल माइल्स विद स्वाति ट्रेवल ब्लॉगर के रूप में शुरू किया और लोगों को यूट्यूब, इंस्टाग्राम के माध्यम से लोगों को ट्रेवल सम्बंधित जानकारी देना शुरू किया। अब स्थितियां सामान्य होती जा रही है।
---
महिला सशक्तिकरण को बढ़ावा
स्वाति ने बताया कि मैंने इस सोच के साथ इस काम को शुरू किया है कि पुरुषों के एकाधिकार वाले काम में महिलाएं भी बहुत कुछ कर सकती है। इसलिए इस बिजनेस को वूमन गवन्र्ड बिजनेस मॉडल की तरह डवलप कर रही हूं । इसके लिए मैने अपनी सभी चारों ब्रांचों में महिलाओं को ही जॉब दी है, जो मेरी तरह ज़ुनून के साथ ट्रेवल-टूरिस्ट्स के काम को करने का जज्बा रखती है।
from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3bnNB3T
0 comments:
Post a Comment