जोधपुर. जोधपुर में लंबे समय से खाद्य सामग्रियों की जांच करने वाली संभाग स्तरीय प्रयोगशाला अब अपग्रेड हो रही है, इतना ही नहीं, अब जोधपुर में फल-सब्जी के दुकानदार भी घटिया माल बेचेंगे तो कार्रवाई होगी। साथ ही इन पर कानूनी रूप से शिकंजा भी कसेगा। जोधपुर की खाद्य सुरक्षा लैब एनएबीएल (नेशनल एक्रीडिटेशन बोर्ड फ ॉर टेस्टिंग एंड कैलिब्रेशन लैबोरेट्रीज) घोषित व प्रमाणित होने के बाद यहां 7 करोड़ रुपए के उपकरण पहुंच गए हैं, जो एकाध माह में इंस्टॉल हो जाएंगे। अब यहां पेस्टिसाइड, फैटी एसिड प्रोफाइल,मेटल व अन्य प्रकार की मिलावट की जांच हो सकेगी। जोधपुर में जैसलमेर, बाड़मेर, पाली, सिरोही व जालोर के सैंपल भी जांच के लिए आते हैं। प्रदेश में जयपुर के बाद सबसे बड़ी लैब भी जोधपुर की है। तीसरे नंबर अपग्रेडेशन में उदयपुर की लैब का भी नंबर आता है।
प्रदेश की सभी लैब एनएबीएल प्रमाणित
देश में संभवत राजस्थान ही एक मात्र ऐसा स्टेट बना हैं, जहां सभी सरकारी लैब एनएबीएल प्रमाणित है। एनएबीएल के सभी मानकों पर पूरी तरह से खरा उतरने के पश्चात ही प्रयोगशाला को यह सर्टिफि केट दिया जाता है। अब यहां खाद्य पदार्थों की विश्लेषण रिपोर्ट विश्व भर में मान्य होगी, यहां की रिपोर्ट अंतरराष्ट्रीय स्तर पर मान्य रहेगी। अब मिलावटखोरों के विरुद्ध नियमानुसार कानूनी कार्रवाई करना अधिक प्रभावी हो गया है।
- डॉ. रेणु शर्मा, प्रभारी, खाद्य सुरक्षा लैब, जोधपुर संभाग
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