जोधपुर. बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक पर्व विजयादशमी पर लगातार दूसरे साल रावण का चबूतरा मैदान में सन्नाटा पसरा रहा। न मेला भरा न रावण दहन हुआ, लेकिन शहर की कई कॉलोनियों और गली-मोहल्लों में रावण के पुतलों का दहन किया गया।
रावण का चबूतरा मैदान में नगर निगम के तत्वावधान में होने वाले मुख्य समारोह सहित कुड़ी हाउसिंग बोर्ड व चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के सार्वजनिक दशानन दहन कार्यक्रम स्थगित रहे। शहर में जगह जगह बच्चों ने अपने स्तर पर रावण के पुतले बनाकर उनका दहन किया। नंदन मयूर सेवा समिति व मोहल्ला विकास समिति से जुड़े बच्चों व युवाओं ने चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के 16 वें सेक्टर स्थित बड़ा गणेश मंदिर पार्क में मात्र नौ घंटे में तैयार 31 फीट के दशानन पुतले का दहन किया।
जगह बदली फिर हुआ दहन
चौहाबो दशहरा मैदान में पुलिस ने रावण दहन रुकवा दिया। समझाइश के बाद गणेश मंदिर पार्क मैदान में रावण दहन किया गया। प्रतिबंध के कारण आतिशबाजी भी नहीं हुई। क्षेत्रीय पार्षद विक्रमसिंह पंवार, समिति के राजेश रूप राय, राजेंद्र पालीवाल, दीपक, देवेंद्र शर्मा ने दशानन दहन से पूर्व शस्त्र पूजन किया। चौपासनी हाउसिंग बोर्ड 17वें सेक्टर में राधाकृष्ण विकास समिति के सदस्यों व बच्चों ने मिलकर दशानन पुतले का दहन किया।
मंडोर में कद घटा रावण का
मंडोर क्षेत्र में दशानन पुतले का कद इस बार भी कोविड गाइडलाइन के कारण कम किया गया। राम तलाई संरक्षण एवं पर्यावरण विकास समिति चैनपुरा मगरा के तत्वावधान में मंडोर क्षेत्र के मगरा पूंजला क्षेत्र में रावण दहन किया गया। बच्चों ने प्रतीकात्मक रावण पुतले के साथ कुंभकरण व मेघनाथ पुतलों का दहन किया। संस्था के संयोजक बलवीर भाटी ने बताया कि पिछले कई सालों से दशानन दहन का आयोजन भव्य स्तर पर रामतलाई मैदान पर किया जाता है लेकिन इस बार मोहल्ले में प्रतिकात्मक तौर पर ही दशानन व उसके परिजनों के पुतलों का दहन किया गया।
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