विदेशों में धन डूबने की चिंता से मुक्त होंगे कारोबारी

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जोधपुर।
कोरोना काल व इसके बाद देश का निर्यात उद्योग कई चुनौतियों का सामना कर रहा है। इनमें निर्यात के दौरान विदेशों में धन डूबने या पैसा अटकने की भी समस्या हुई है। कोरोना काल में उपजे इन हालातों को देखते हुए भुगतान को लेकर अनिश्चितता का वातावरण हो गया है। ऐसे समय में केन्द्र सरकार ने निर्यात उद्योगों को बढ़ावा देने के लिए एक्सपोर्ट क्रेडिट गारंटी कॉर्पोरेशन (ईसीजीसी) मजबूत करने का निर्णय लिया है। केन्द्र सरकार की ओर से ईसीजीसी को 500 करोड़ रुपए देने का निर्णय लिया गया है ताकि विदेशों से व्यापार करने वाले देश के निर्यातको को बीमा कवर का अधिक से अधिक लाभ मिल सके, इससे निर्यातक विदेशों में अपना धन डूबने की चिंता से मुक्त होंगे।
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जोधपुर में 50 फ ीसदी निर्यातक ही ले रहे लाभ
जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों की संख्या करीब 800 से अधिक है लेकिन ईसीजीसी की पालिसी का लाभ महज करीब 400 निर्यातक ही उठा रहे है। ईसीजीसी अधिकारियों का कहना है कि 50 लाख से अधिक टर्नओवर वाले सभी कारोबारियों को इसका लाभ उठाना चाहिए।
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कोरोना काल में निर्यातकों के 200 करोड़ अटके थे
कोरोना काल में जोधपुर के हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों को बड़ी कठिनाइयों का सामना करना पड़ा है । पिछले 18 माह में निर्यातकों के विदेशी ग्राहकों में करीब 200 करोड रुपए अटके हुए थे।
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आगामी वर्ष के लिए भी घोषणा
कई बार आयातक भुगतान करने में आनाकानी करते है तो कई बार ग्राहक के डिफ ॉल्टर होने से निर्यातकों का धन फ ंस जाता है। ऐसे में ईसीजीसी की बीमा कवरेज काफ ी फ ायदेमंद साबित होता है। इसका लाभ अधिक से निर्यातक उठा सकें इसके लिए केन्द्रीय वाणिज्य मंत्रालय ने इस वर्ष में 500 करोड़ व इतनी ही राशि आगामी वर्ष देने की घोषणा की है।
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ईसीजीसी का बजट बढ़ाना सरकार की अच्छी पहल है । इससे निर्यातकों को इस कठिन समय में लाभ मिलेगा ।
डॉ भरत दिनेश, अध्यक्ष
जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट्स एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
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