जोधपुर।
वैश्विक कोरोना महामारी की स्थितियां अब सामान्य होती जा रही है। फिर भी, कोरोना के कारण आर्थिक मार झेल रहे लोग फेस्टिव व वैवाहिक सीजन को लेकर कम बजट में अपने घरों को नया लुक देना चाहते है। ऐसे में, शहर के युवा इंटीरियर डिजाइनर कोरोना व बदलते ट्रेंड को देखते हुए मामूली बजट में इंटीरियर को नया और बेहतरीन लुक देकर घर में नया फेरबदल करके कायाकल्प कर रहे है।
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मल्टी कलर का चलन
अब पूरे घर में एक जैसा कलर या सफेदी कराने का ट्रेंड खत्म हो रहा है। कम बजट में जरुरत के मुताबिक ड्राइंग रूम की किसी एक दीवार को बाकी से अलग कंट्रास्ट कलर से पेंट कराकर नयापन ला रहे है। डार्क शेड्स को लाइट शेड्स कर रहे है। वहीं घर को पेंट कराने की बजाए सिर्फ परदे बदलकर घर को सजाने का नया ट्रेंड आया है। कॉटन के अलावा नेट, सिल्क, टिश्यू, ब्रासो टाइगर, क्रश आदि के परदे पसंद किए जा रहे है।
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बैठक के लिए ट्रेडिशनल स्टाइल
सोफे या कुर्सियों की जगह अब ट्रेडिशनल स्टाइल अपनाई जा रही है। सोफे-कुर्सियों की संख्या कम कर कमरे में नीचे बैठक बनाया जा रहा है। नीचे बैठक से बैठने में नएपन का अहसास होता है। टेराकोटा से बने शो पीस के अलावा गमले, दीपक स्टैंड, विंड चाइम से भी घरों को सजाया जा रहा है।
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कोरोना की वजह से वित्तीय स्थिति को देखते हुए कम रेंज में घर को सजाने का ट्रेंड आया है, इसे लोग पसंद भी कर रहे है।
नवीन मोहनोत, डायरेक्टर
आइनिफ्ड
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हाइ रेंज की जगह कम बजट में इंटीरियर डिजाइन का चलन है। इससे हर आय वर्ग के लोगों के लिए घर को सजाना संभव हुआ है।
विनीता मेहता, इंटीरियर डिजाइनर
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