जोधपुर. बुराई पर अच्छाई की विजय का प्रतीक पर्व विजयदशमी शुक्रवार को हर्षोल्लास से मनाया गया। सार्वजनिक स्थलों पर दशानन पुतलों के दहन के रोक के बावजूद शहर के विभिन्न मोहल्लों व कॉलोनियों में भी बुराई के प्रतीक का पुतला बनाकर दहन किया गया। बच्चों ने भी अपने स्तर पर रावण के पुतले बनाकर उनका दहन किया। नंदन मयूर सेवा समिति व मोहल्ला विकास समिति की ओर से चौपासनी हाउसिंग बोर्ड के १६ वें सेक्टर स्थित बड़ा गणेश मंदिर पार्क में विजयदशमी को बच्चों की ओर से मात्र नौ घंटे में तैयार किए गए ३१ फीट के दशानन पुतले का दहन किया गया। हालांकि बुराई के प्रतीक पुतले में समूचित बारूद के अभाव में मात्र ९० सेकेंड में ही धराशाही हो गया।
मंडोर में कद घटा रावण का
रावण का ससुराल कहे जाने वाले मंडोर क्षेत्र में खुद जवाई राजा का कद लगातार घटता जा रहा है। विजयदशमी पर राम तलाई संरक्षण एवं पर्यावरण विकास समिति चैनपुरा मगरा के तत्वावधान में मंडोर क्षेत्र के मगरा पूंजला क्षेत्र में बच्चों की ओर से शुक्रवार शाम रावण दहन किया गया। कोरोना गाइडलाइन की पालना करते हुए बच्चों ने प्रतीकात्मक रावण पुतले के साथ कुंभकरण व मेघनाथ का दहन किया। पिछले कई सालों से दशानन दहन का आयोजन भव्य स्तर पर रामतलाई मैदान पर किया जाता है लेकिन इस बार मोहल्ले में प्रतिकात्मक तौर पर दशानन व उसके परिजनों के पुतलों का दहन किया गया। संस्था के संयोजक बलवीर भाटी ने बताया कि कार्यक्रम में कोविड गाइड लाइन की पूरी तरह पालना की गई।
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