जोधपुर।
जोधपुर का हैण्डीक्राफ्ट निर्यात उद्योग खाली कंटेनरों की कमी, शिपिंग चार्ज, कच्चे माल के अलावा एक और चुनौती का सामना कर रहा है। हाल ही में, केन्द्र सरकार की ओर से हैण्डीक्राफ्ट निर्यातकों को कारोबार के लिए बैंक से लोन लेने पर ब्याज में मिल रही छूट की सुविधा बंद दी गई है। इससे शहर के निर्यातकों को करीब 200 करोड़ का झटका लगा है और कारोबार के लिए बैचेनी बढ़ गई है। निर्यातकों ने केन्द्र सरकार का कई स्तरों पर खर्चे बढ़ जाने की तरफ ध्यान आकृष्ट कराते हुए छूट की सीमा को अगले कुछ महीनों के लिए बढ़ाने के लिए गुजारिश की गई है।
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2 प्रतिशत ब्याज की राहत मिल रही थी
सरकार इंट्रेस्ट सबवेंशन स्कीम के तहत सहकारी बैंकों के माध्यम से सूक्ष्म, लघु और मध्यम उद्यमों (एमएसएमई) को दिए गए कर्ज पर दो प्रतिशत की दर से ब्याज सहायता देती है । योजना के तहत पात्र एमएसएमई निर्यातकों को उनके कर्ज पर सालाना आधार पर 2 प्रतिशत की ब्याज राहत दी जाती है ।
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प्रभावित होगी शहर की अर्थव्यवस्था
निर्यातक पहले से ही तमाम तरह के खर्चों के बोझ तले दबे है। ऐसे में लोन पर ब्याज की छूट बंद होना बहुत बड़ा नुकसान है। इसका असर शहर की अर्थव्यवस्था पर पड़ेगा क्योंकि जोधपुर के निर्यातकों से काफ ी बड़ी संख्या में हैण्डीक्राफ्ट आर्टिजन्स और श्रमिक कारीगर जुड़े है, जिन्हें हैण्डीक्राफ्ट इंडस्ट्री से रोजगार प्राप्त होता है। हैण्डीक्राफ्ट इंडस्ट्री प्रभावित होने से आर्टिजन्स व श्रमिकों की आय भी प्रभावित होगी।
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केंद्रीय वाणिज्य मंत्रालय पत्र भेजकर 30 सितंबर तक जारी ब्याज की सुविधा को बढ़ाए जाने का अनुरोध किया गया है।
राजेन्द्र मेहता, सचिव
जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
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जोधपुर के निर्यातकों को ब्याज पर छूट की सुविधा बंद होने से भारी नुकसान हुआ है। केन्द्र सरकार से इस सुविधा को चालू करने की गुहार लगाई है।
महावीर बागरेचा, उपाध्यक्ष
जोधपुर हैण्डीक्राफ्ट एक्सपोर्टर्स एसोसिएशन
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