जोधपुर. भारतीय सनातन संस्कृति में दिवंगत पूर्वजों की आत्मिक शांति तथा उनके प्रति श्रद्धा व्यक्त करने से जुड़ा पर्व श्राद्ध सोमवार से हो जाएगा। पितृऋण से मुक्ति के सत्रह दिवसीय पर्व के प्रथम दिन पूर्णिमा का श्राद्ध होगा। शहर के पवित्र जलाशयों पर सामूहिक तर्पण के साथ जलांजलि दी जाएगी। घरों में भी तिल, जौ, कच्चे दूध, पुष्प, डाब के साथ भारतीय कलैण्डर तिथिनुसार पूर्णिमा तिथि के दिन देवलोक हुए पूर्वजों को जलांजलि अर्पित की जाएगी। पितृपक्ष के दौरान सभी मांगलिक व शुभ कार्य का टालने का शास्त्रोक्त विधान हैं।
नि:शुल्क व्यवस्था
अनन्तधाम सेवा समिति की ओर से कायलाना तख्त सागर जलाशय में श्राद्ध तर्पण की नि:शुल्क व्यवस्था की गई। समिति के अध्यक्ष पं. विजयदत्त पुरोहित ने बताया कि सुबह 7 से 9.30 बजे तक कोविड गाइड लाइन पालना के साथ नि:शुल्क तर्पण के लिए जातकों को श्राद्ध की सभी पूजन सामग्री उपलब्ध कराई जाएगी। सोमवार को पूर्णिमा का तर्पण किया जाएगा। प्रतिपदा का श्राद्ध तर्पण 21 सितम्बर को किया जाएगा।
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