देर आए, दुरुस्त आए: नौ साल बाद ही सही, चलो कुछ-कुछ उम्मीद तो जगी

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राजेश दीक्षित
जोधपुर. पिछले नौ साल से ठंडे बस्ते में पड़ी नगर निगम की पहली आवासीय योजना में विकास को लेकर अब कुछ-कुछ उम्मीदें जगने लगी हैं। अब यहां सड़क निर्माण के साथ पानी-बिजली की सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए प्रक्रिया तेज कर दी है। महापौर के अनुसार उम्मीद जताई जा रही है आने वाले छह माह में योजना में कई सुविधाएं उपलब्ध करा दी जाएंगी।
निगम में फरवरी 2012 में गांधी नगर आवासीय योजना लांच की थी। यह योजना निगम की पहली आवासीय योजना थी। आवासीय योजना को लेकर कई सपने दिखाए गए। लेकिन योजना में भूखंड आवंटन के बाद बिल्कुल भी ध्यान नहीं दिया गया। नौ साल बाद भी यहां केवल जंगल ही नजर आता है। एक भी मकान नहीं बना है। जबकि निगम ने यहां स्टेपिंग गार्डन, एम्यूजमेंट पार्क व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट जैसी सुविधाओं की बात की थी।

अब ये जग रही उम्मीदें

सड़क: डामरीकरण का काम शुरू
कॉलोनी में कच्ची सड़क बना दी है। अब यहां सिंगल लेयर का काम भी शुरू हो गया है। बीच में बारिश के वजह से यह काम बंद कर दिया है। बारिश के जाते ही काम शुरू हो जाएगा। कच्ची सड़क व डामरीकरण के लिए 80 लाख रुपए खर्च होंगे।
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पानी: पैसा जमा कराते ही काम शुरू
निगम ने पीएचईडी से पेयजल पाइप लाइन व टंकी निर्माण के लिए डिमांड नोट मांगा था। इस पर पीएचईडी ने 17 प्रतिशत सुपरविजन चार्ज लगाकर 5 करोड़ 32 लाख का खर्चा बताया। इस पर निगम ने आपत्ति करते हुए कहा कि जयपुर विकास प्राधिकरण सहित अन्य संस्थाएं ये सुविधाएं उपलब्ध कराने के लिए 5 प्रतिशत सुपरविजन चार्ज लेती हैं। इसके बाद पीएचईडी ने 4 करोड़ 85 लाख रुपए रिवाइज एस्टीमेट दिया है। निगम जैसे ही यह राशि पीएचईडी का जमा करेगा, यहां पेयजल लाइन व टंकी का निर्माण कार्य शुरू हो जाएगा।
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बिजली: डिस्कॉम को लिखा पत्र
निगम ने करीब दो माह पहले ही डिस्कॉम को बिजली लाइन के लिए पत्र लिखा है। लेकिन अभी तक डिस्कॉम ने डिमांड नोट जारी नहीं किया है। यहां 33 केवी का सब स्टेशन बनेगा।
फिलहाल योजना में तीन हाइमास्ट लाइट लगाने का प्रक्रिया तेज कर दी है। इसका कार्यादेश भी जारी हो गया है। करीब आठ लाख रुपए हाइमास्ट लाइट लगेगी।

अन्य सुविधाएं
सीवरेज लाइन: सीवर लाइन का एस्टीमेट बना लिया है। करीब तीन करोड़ रुपए खर्च होंगे। निगम के अनुसार कॉलोनी में पचास प्रतिशत आबादी होने पर सीवर लाइन व सीवरेज ट्रीटमेंट प्लांट बनाना उचित होता है।
एम्यूजमेंट पार्क: पूर्व में इस पार्क के लिए पीपीपी मोड पर टैंडर निकाले थे, लेकिन किसी ने रुचि नहीं दिखाई। अब निगम इस योजना को रिप्लान कर रहा है।
मुख्य द्वार: कॉलोनी में प्रवेश करने लिए एक मुख्य द्वार बनाया जा रहा है। टैंडर कर दिया है। करीब 15 लाख रुपए खर्च होंगे।

बड़ी बात: निगम को 100 करोड़ की उम्मीद
योजना में 423 भूखंड नीलामी के माध्यम से आवंटन होना बाकी है। एक अनुमान के अनुसार इससे करीब 100 करोड़ रुपए की निगम को इंकम की उम्मीद है। योजना में 30-40 करोड़ रुपए खर्च भी कर दिए जाते हैं तो भी 60-70 करोड़ रुपए निगम की आय होगी।

छह माह में देंगे पूरी सुविधाएं
-काफी भूखंड आवंटन हो चुके हैं। शेष भूखंड नीलाम करने की योजना है। प्रक्रिया जारी है। कॉलोनी में चारों तरफ पौधरोपण किया जाएगा। स्कूल, एम्यूजमेंट पार्क बनाएंगे। पानी-बिजली की सुविधा के लिए संबंधित विभाग को साइट दिखा दी है। उम्मीद है सभी सुविधाएं आगामी छह माह में उपलब्ध हो जाएं।
कुंती देवड़ा, महापौर, नगर निगम उत्तर



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