जोधपुर. कड़े संघर्ष के बाद कांग्रेस बहुमत लाने में कामयाब तो हो गई, लेकिन पार्टी में अंदरुनी संघर्ष अब शुरू होगा। मदेरणा व जाखड़ गुट के बीच की अदावत अब अपना प्रमुख बनाने के लिए होगी। इसीलिए अधिकांश प्रत्याशी जीतने के बाद भी शपथ लेने के लिए नहीं आए। कांग्रेस पार्टी को डर है कि किसी एक गुट के नेता को जिला प्रमुख के प्रस्तावित किया जाता है तो दूसरा गुट क्रॉस वोटिंग करवा सकता है। एेसे में किसी तीसरे तटस्थ को भी मौका मिल सकता है।
फैक्ट फाइल
- ३७ कुल जिला परिषद सदस्य
- १ कांग्रेस के खाते में पहले ही निर्विरोध आ चुकी थी
- २० सदस्य कांग्रेस के निर्वाचित हुए
- २१ सदस्य कांग्रेस के जीते और बहुमत मिला
- १६ भाजपा के निर्वाचित हुए
दो गुटों के अलावा भी मंथन
जिला प्रमुख नामों के लिए प्रमुख रूप से दो गुटों के बीच खींचतान होगी। इसमें वार्ड २८ से जीती लीला मदेरणा जो कि पांच बार पहले भी पंचायतराज के चुनाव जीत चुकी है और पूर्व मंत्री महिपाल मदेरणा की पत्नी है। इस बार उनकी पुत्री दिव्या मदेरणा ने इसकी कमान संभाली। इनके सामने प्रमुख नाम मुन्नी गोदारा का रहेगा, यह पूर्व सांसद बद्रीराम जाखड़ की पुत्री है और पूर्व जिला प्रमुख भी रह चुकी हैं। जाखड़ ने इसके लिए सीएम अशोक गहलोत तक लॉबिंग की है। इसके अलावा वार्ड संख्या १४ से कांग्रेस के टिकट पर पहली बार जीती प्रियंका गोदारा भी प्रमुख नाम है। यदि दोनों गुटों के बीच मामला नहीं सुलझा तो यह यह अच्छा विकल्प हो सकता है। इसके अलावा वार्ड संख्या ७ से निर्विरोध जीती नेहा चौधरी भी प्रमुख नाम सामने आ सकता है।
पंचायत समितियों में यह रही स्थिति
कांग्रेस को फलोदी, बालेसर, बाप, शेरगढ़, लोहावट, सेखाला और लूणी में स्पष्ट बहुमत मिला है। जबकि बिलाड़ा, पीपाड़, मंडोर, भोपालगढ़ और बापिणी में कांग्रेस बहुमत के नजदीक है, लेकिन स्थितियां बदल भी सकती हैं। भाजपा को तिंवरी, देचू, केरू और धवा में स्पष्ट बहुमत है और घंटियाली में बहुमत के नजदीक है।
चामू-ओसियां-आऊ में रोचकता
ओसियां पंचायत समिति में २३ सीटों में से ११-११ सीटें कांग्रेस-भाजपा को मिली हैं, एक रालोपा के खाते में सीट गई। अब स्थिति रोचक है। चामू में १५ सीट की पंचायत समिति में ५-५ सीटें कांग्रेस भाजपा की और ५ रालोपा-अन्य को मिली है। यहां भी स्थिति काफी रोचक बन गई है। आऊ पंचायत समिति में १५ सीट में से ७-७ कांग्रेस- भाजपा के पाले में और एक निर्दलीय ने जीती है, यहां भी जोड़ तोड़ होगा। बावड़ी में २१ में से ९ कांग्रेस, ५ भाजपा और ७ अन्य के खाते में है।
शपथ लेने महज कुछ प्रत्याशी पहुंचे
जीतने के बाद जिला परिषद के कई प्रत्याशी शपथ लेने भी नहीं पहुंचे। उनको अब रविवार को भी मौका दिया जाएगा। तीन अधिकारी शपथ दिलाने व प्रमाण पत्र देने के लिए बैठेंगे। इसके अलावा सोमवार सुबह जिला प्रमुख व प्रधान चुनाव में हिस्सा लेने से पहले रिटर्निंग अधिकारी शपथ दिला सकेंगे।
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