जोधपुर।
प्रदेश के राज्यपाल व कुलाधिपति कलराज मिश्र ने कृषि वैज्ञानिकों से क्षेत्र की जलवायु के अनुकूल अनुसंधान करने का आह्वान किया, ताकि क्षेत्र के किसानों को फायदा हो। कृषि विश्वविद्यालय के नौवें स्थापना दिवस पर मंगलवार को वर्चुअल समारोह में बतौर मुख्य अतिथि राज्यपाल मिश्र ने किसानों को जमीनी स्तर पर खेतों में आने वाली समस्याओं के निराकरण के लिए कृषि वैज्ञानिकों व विद्यार्थियों को खेतों पर जाकर कार्य करने पर भी जोर दिया। विशिष्ट अतिथि केन्द्रीय कृषि व उद्यान आयुक्त डॉ एसके मल्होत्रा ने वैज्ञानिकों से पश्चिमी राजस्थान के उपयुक्त किस्में विकसित करने के लिए कहा। अंत में कुलसचिव अरुणकुमार पुरोहित ने धन्यवाद ज्ञापित किया।
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हिन्दी का अधिकाधिक प्रयोग
मिश्र ने वैज्ञानिकों से राष्ट्र भाषा हिन्दी को अधिकाधिक प्रयोग करने आह्वान किया, जिससे किसानों को नवीन कृषि तकनीकों को समझने व उसके उपयोग में आसानी हो सके।
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विमोचन, लोकार्पण व शिलान्यास किए
- राज्यपाल मिश्र ने विश्वविद्यालय के पांच वर्ष की उपलब्धियों की पुस्तिका, बीटेक डेयरी टेक्नोलॉजी के पाठ्यक्रम व ऑपरेशनल मैन्युल स्टूडेन्ट रेडी आदि का विमोचन किया।
- विश्वविद्यालय के विभिन्न इकाइयों के साथ वीडियो कांफ्रेंस की सुविधा व मृदा एवं जल जांच चल प्रयोगशाला का लोकार्पण किया।
- कृषि महाविद्यालय के आधुनिक परीक्षा हॉल का शिलान्यास किया।
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पेश की प्रगति रिपोर्ट
समारोह की अध्यक्षता कर रहे विवि कुलपति प्रो बीआर चौधरी ने विश्वविद्यालय की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की। उन्होंने बताया कि अनुसंधान व शिक्षा को बढ़ावा देने के लिए विवि ने विभिन्न राष्ट्रीय संस्थानों के साथ एमओयू किए है।
- कृषि महाविद्यालय नागौर में 60 विद्यार्थियों का एक अतिरिक्त बैच शुरू।
- डेयरी प्रौद्योगिकी व कृषि अभियांत्रिकी के प्रत्येक संकाय मे 40 विद्यार्थियों का बैच शुरू।
- कृषि महाविद्यालय बायतु में 60 विद्यार्थियों की क्षमता के साथ बैच शुरू।
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वैज्ञानिक मेहरिया पुरस्कृत
समारोह में कृषि वैज्ञानिक डॉ मोतीलाल मेहरिया को उत्कृष्ट शोध पत्र शीर्षक के लिए पुरस्कृत किया गया। यह शोधपत्र अन्तरराष्ट्रीय जर्नल एग्रोनॉमी में प्रकाशित हुआ है।
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