जोधपुर।
मौत के बाद मोक्ष प्राप्ति के लिए जोधपुर के सैंकड़ों लोग रोजाना हरिद्वार की यात्रा करते है लेकिन गत छह महीनों से मोक्षनगरी तक रोडवेज बसों के पहिए नहीं पहुंच रहे है। नतीजा, रोजाना दोगुना किराया देकर अवाम को निजी बसों में यात्रा करके जेब कटवानी पड़ रही है। जोधपुर के रोडवेज डिपो की ओर से सालों से जोधपुर-हरिद्वार के बीच बसों का संचालन होता रहा है। ऐसे में यात्रियों को आए दिन हरिद्वार जाने के लिए परेशानियों का सामना करना पड़ रहा है। ऊपर से निजी बसों में अतिरिक्त किराया देकर और जान जोखिम में डालकर सफर करना पड़ रहा है।
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ऐसे होता था बसों का संचालन
करीब छह महीने पहले जोधपुर से हरिद्वार के बीच दो बसों का संचालन होता था। पहली बस सुबह नौ बजे और दूसरी बस सुबह दस बजे जोधपुर से हरिद्वार के लिए रवाना होती थी। नौ बजे की बस जोधपुर से वाया ब्यावर होकर हरिद्वार जाती थी, जबकि दस बजे की बस पुष्कर होकर हरिद्वार जाती थी। दोनों बसों से जोधपुर डिपो को रोजाना करीब पचास हजार की आय प्राप्त होती थी। लेकिन छह महीनों से बसों को संचालन बंद होने से डिपो को करीब 15 लाख रुपए राजस्व हानि हो रही है। लोगों ने इस रूट पर बसों के संचालन की मांग भी की लेकिन डिपो प्रबंधन ने उस पर कोई ध्यान नहीं दिया।
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लुट रहे हैं यात्री
जोधपुर से हरिद्वार जाने वाली रोडवेज की बसों और निजी बसों के किराए में बहुत अन्तर है। रोडवेज की एक्सप्रेस बसों का किराया 700 से 850 के बीच में है। जबकि निजी बसों का किराया 1000 से 1500 रुपए तक है। इस प्रकार से लोगों को दोगुना किराया देकर हरिद्वार की यात्रा करनी पड़ रही है।
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मनमर्जी के रूट पर बसें
एक तरफ लोगों की जनभावनाओं से जुड़ी हरिद्वार यात्रा को लेकर डिपो प्रबंधन बसों के संचालन में लापरवाही बरत रहे हैं जबकि दूसरी ओर डिपो प्रबंधन अपनी मनमर्जी और खुद के चहेतों के रूट पर घाटे में चलने के बावजूद बसों का संचालन कर रहे हैं।
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1 से शुरू करेंगे
उत्तराखण्ड सरकार की ओर से अनुमति नहीं होने के कारण वर्तमान में जोधपुर से हरिद्वार के बीच कोई बस संचालित नहीं हो रही है। अब अनुमति मिल गई है, 1 सितम्बर से बसों का संचालन पुन: शुरू करेंगे।
कुलदीप शर्मा, मुख्य प्रबंधक
जोधपुर रोडवेज डिपो
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