NAND KISHORE SARAWAT
जोधपुर. पाकिस्तान से सीमा पार कर बाड़मेर-जैसलमेर सीमा क्षेत्र से रेस्क्यू किए बस्टर्ड समूह के पांच अति दुर्लभ पक्षी तिलोर ( होबारा बस्टर्ड) के स्वतंत्र उड़ान के लिए वनविभाग वन्यजीव प्रभाग ने प्रदेश के प्रधान मुख्य वन संरक्षक से दिशा निर्देश मांगा है। जोधपुर के माचिया जैविक उद्यान के वन्यजीव चिकित्सालय में इन दिनों सुरक्षित रह रहे दुर्लभ पक्षियों के लिए केन्द्रीय चिडि़याघर प्राधिकरण (सीजेडए) के नियमानुसार पुन: उनके प्राकृतवास में स्वच्छंद विचरण के लिए छोडऩा आवश्यक है। रेस्क्यू किए तीन बस्टर्ड के पैरो में टैग लगे हुए मिले थे जिससे पता चला कि तिलोर अबु धाबी स्थित कृत्रिम प्रजनन केंद्र के है। ये दुर्लभ पक्षी मध्य एशिया के अरब क्षेत्र से पश्चिमी राजस्थान के मरुस्थलीय क्षेत्र में विचरण के लिए हर साल शीतकाल में प्रवास पर आते है।
मेडिकल जांच के बाद ही तय होगा
उपवन संरक्षक वन्यजीव जोधपुर विजय बोराणा ने पत्रिका को बताया कि जोधपुर के वन्यजीव चिकित्सालय में सुरक्षित तिलोर को पुन: उनके प्राकृतवास में छोडऩे के लिए हमने मुख्य वन संरक्षक और प्रधान मुख्य वन संरक्षक व चीफ वाइल्डलाइफ वार्डन से मार्गदर्शन मांगा है। मेडिकल जांच के बाद उड़ान भरने में सक्षम तिलोर को पुन: शीतकाल में उनके प्राकृतवास में समूह के बीच छोड़ दिया जाएगा।
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