पति से कपड़ों पर हस्तकला का काम सीख घर बैठे कमाई कर रही तसलीम

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जोधपुर।
मैं तसलीम बानो जोधपुर में रहती हूं। शादी कर ससुराल आई और गृहिणी के रूप में काम करने लगी। परिवार की आर्थिक स्थिति ठीक नहीं थी। परिवार की दशा सुधारने के लिए मैं भी कुछ काम कर पति की मदद करना चाहती थी लेकिन पढ़ी-लिखी नहीं होना रोजगार में बाधा बना हुआ था। मेरे पति मंजूर खान रात को घर में कपड़ों पर आरीतारी हस्तकला का काम करते थे व सुबह कपड़ों की दुकान पर जॉब करते थे। मेरे ससुर की मृत्यु के बाद परिवार के भरण पोषण का जिम्मा पति पर आ गया। ऐसे में, मैने अपने पति से आरीतारी का काम सीखा और काम करना शुरू किया, जिसमें पढ़ा-लिखा होना जरूरी नहीं था। आज अपनी कला के दम पर प्रतिमाह 20 से 25 हजार रुपए कमा रही हूं।
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खाली समय का सदुपयोग किया
गृहणी होने के बावजूद घर के कामकाम व जिम्मेदारियों को निभाते हुए घर पर खाली समय का सदुपयोग किया व खुद को स्वावलंबी बनाया। इसके अलावा घर पर अपने तीन बच्चों को भी संभालना व घर की जिम्मेदारियां बखूबी निभा रही हूं।
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बाजार से खुद लाती है जॉब वर्क
मुझे यह काम करते हुए करीब 5-6 साल हो गए है। अब मैं खुद बाजार से जॉब वर्क लेकर आती हूं। घर के कामकाज के बाद आरीतारी का काम शुरू करती हूं। साथ में सिलाई का काम भी करती हूं। अब जोधपुर के आसपास के गांवों से भी ऑर्डर मिलते है।
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रोजगार भी दे रही
शुरुआत धीमी हुई लेकिन बाद में काम बढऩे लगा तो मेरी जैसी मोहल्ले की अन्य महिलाओं को भी रोजगार से जोड़ा। आज 8-10 भी मेरे साथ जुड़कर काम कर रही है।



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