NAND KISHORE SARASWAT
जोधपुर. वैश्विक महामारी कोरोना के कारण आम और खास लोगों के दैनिक कार्य तो प्रभावित हुए लेकिन जोधपुर में कटला बाजार स्थित 242 साल वर्ष प्राचीन कुंज बिहारी मंदिर शिखर का जीर्णोद्धार कार्य भी कोरोना के कारण अछूता नहीं रहा। लंबे इंतजार के बाद सरकार से जीर्णोद्धार के लिए बजट जारी होने में पहले से ही विलंब हो गया था। जब बजट जारी होकर मार्च में कार्य प्रारंभ हुआ तो लॉकडाउन के कारण कार्य रोकना पड़ा। इस बीच कार्य करने वाले ठेकेदार भी बदल गए। लेकिन अब फिर से नए ठेकेदार के मिलने के बाद पुन: जीर्णोद्धार कार्य शुरू हुआ है।
20 लाख का बजट जारी
कुंज बिहारी मंदिर शिखर जीर्णोद्धार, सुखेश्वर बाड़ी दीवार मरम्मत व सीवरेज समस्या निवारण के लिए 20 लाख का बजट आवंटित हुआ है। अभी 50 प्रतिशत काम हुआ है। सभी कार्य पीडब्ल्यूडी के मार्फत किए जा रहे है।
पुष्टिमार्गीय परम्परा से जुड़ा है मंदिर
देवस्थान विभाग की ओर से प्रबंधित पुष्टिमार्गीय परम्परा से जुड़ा शहर का सर्वाधिक ख्यातनाम मंदिर कुंज बिहारी 242 साल प्राचीन हैं। मंदिर में मुख्य स्वरूप श्रीनाथजी का है। जोधपुर के तत्कालीन महाराजा विजयसिंह की पासवान (उप पत्नी) गुलाब राय ने सन 1779 में कुंज बिहारी मंदिर बनवाया था। हर तीज त्योहार व जन्माष्टमी मंदिर में धूमधाम से मनाया जाता है लेकिन कोरोना महामारी के चलते मंदिर में उत्सव केवल पुजारियों की ओर से ही मनाया जा रहा है।
भित्ति चित्रों को भी पुनजीर्वित होने का इंतजार
मंदिर के गर्भगृह की दीवारों पर नाथद्वारा चित्रशैली के अनूठे कलात्मक भित्ति चित्रों को भी मरम्मत की दरकार हैं। चित्रों में भगवान कृष्ण व राम के जीवन प्रसंग का वर्णन सजीवता से किया गया हैं। प्राकृतिक रंगों से बने सभी चित्र राम व कृष्ण दोनों की लीलाओं की झांकी का दिग्दर्शन कराते हैं। अनूठे कलात्मक भित्ति चित्रों को भी पुनजीर्वित होने का इंतजार है। मंदिर का मुख्य प्रवेश द्वार का एक हिस्सा भी क्षतिग्रस्त हो चुका है।
लॉकडाउन के कारण विलंब
कुंजबिहारी मंदिर में मार्च में जीर्णोद्धार कार्य प्रारंभ हुआ था लेकिन बीच में लॉकडाउन के कारण काम बंद रहा अब वापस काम शुरू हुआ है जिसे जल्द ही पूरा किए जाने का प्रयास किया जा रहा है।
-जतिन गांधी, सहायक आयुक्त देवस्थान विभाग जोधपुर।
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