जोधपुर.
देवनगर थानान्तर्गत रावत नगर में ढलान में खड़ा एक ट्रैक्टर स्वत: ही लुढ़कर पास में खेल रही मासूम बालिका को चपेट में ले लिया। निजी अस्पताल के आइसीयू में रविवार देर शाम उसकी मृत्यु हो गई। इकलौती पुत्री को बचाने की खातिर मजदूर पिता रुपए की व्यवस्था करने के लिए भटकता रहा, लेकिन पुत्री को बचा नहीं पाया।
कमठा मजदूर रमेश का कहना है कि वह तीन महीने पहले पत्नी के साथ जोधपुर आया था। पुत्र व पुत्री मनीषा भी साथ रह रहे हैं। कमठा मजदूरी के बीच वह चाय लेने चला गया था। पीछे दुर्घटना हो गई। बेटी की हालत गंभीर है और वह प्राइवेट अस्पताल में भर्ती है। ठेकेदार ने आर्थिक मदद की, लेकिन दो दिन में इलाज पर हजारों रुपए खर्च हो गए। अस्पताल वाले अब और रुपए जमा कराने का बोल रहे हैं, लेकिन पिता के पास इलाज के लिए रुपए नहीं है। उसकी हालत ऐसी है कि वह इलाज के बीच पुत्री को गांव ले जाने की सोचने लगा है। पुत्री की हालत देख पिता व मां की हालत भी खराब हो रही है। आखिरकार देर शाम पुत्री का दम टूट गया।
ढलान में खुद ही लुढ़कने लगा था ट्रैक्टर
पुलिस के अनुसार मूलत: प्रतापगढ़ जिले में बामन खेड़ी रायपुर हाल रावत नगर निवासी रमेश पुत्र बाबूलाल मीना कमठा मजदूर है। वह रावत नगर नाकोड़ा ट्रस्ट के भवन में काम करता है। वहीं पर पत्नी व बच्चों के साथ रहता है। मजदूरी के दौरान वह शनिवार को चाय लेने गया। कमठा स्थल के पास तीन वर्षीय पुत्री मनीषा खेल रही थी। वहां ढलान में ट्रैक्टर खड़ा था। जो ढलान की वजह से स्वत: ही लुढ़कने लगा और मासूम मनीषा के ऊपर से निकल गया। मासूम के सिर, आंख, कान व हाथ-पांव में गंभीर चोट आई। बालिका के चिल्लाने पर आस-पास के श्रमिक मौके पर आए। पिता को बुलाया गया। फिर उसे पाल रोड स्थित बच्चों के अस्पताल ले जाया गया, जहां हालत गंभीर होने पर उसे आइसीयू में भर्ती किया गया। इलाज के बावजूद वह बच नहीं पाई। पुलिस अस्पताल और घटनास्थल पहुंची। पिता की रिपोर्ट पर ट्रैक्टर चालक के खिलाफ मामला दर्ज किया।
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