जोधपुर.
कोरोना संक्रमण रोकने के लिए सार्वजनिक स्थान पर मास्क और सोशल डिस्टेंसिंग अनिवार्य है। राज्य में बगैर मास्क पाए जाने पर जुर्माना राशि सौ से बढ़कर एक हजार रुपए तक पहुंच चुकी है, लेकिन दूर-दराज से बाबा रामदेव मंदिर के दर्शन को आने वाले जातरुओं पर कोरोना के खतरे का आभास तक नहीं है। आस्था से लबरेज जातरुओं ने न तो मास्क लगा रखा है और न ही वे सोाश्ल डिस्टेंसिंग की पालना कर रहे हैं।
एक भी जातरू के मास्क नहीं
बाबा रामदेव मंदिर के दर्शन करने के लिए प्रतापगढ़, चित्तौडगढ़़, उदयपुर, राजसमन्द और मध्यप्रदेश व गुजरात तक से जातरू जोधपुर पहुंच रहे हैं। दुपहिया व चार पहिया के साथ बसों में सवार जातरुओं में पुरुषों के साथ वृद्ध, महिलाएं व बचचे भी हैं। आश्चर्य की बात है कि कोरोना संक्रमण के प्रति कोई भी जातरू जागरूक नहीं है। किसी भी जातरू के मास्क नहीं हैं, न ही वो सामाजिक दूरी बनाए हुए हैं।
दुस्साहस : दुपहिया से कारें व जीपें तक ओवरलोड
दो साल बाद मेले में जातरुओं का आना शुरू हुआ है। हर बार हजारों जातरू पैदल आते हैं, लेकिन इस बार ऐसा नहीं है। पैदल जातरुओं की संख्या काफी कम है। इस बार मोटरसाइकिल, कारें, ट्रैक्टर ट्रॉली, जीपें व बसों में जातरू अधिक आ रहे हैं। बसों को छोड़ अधिकांश वाहनों पर क्षमता से अधिक जातरू सवार हैं। इनमें महिलाओं के साथ छोटे-छोटे व मासूम बच्चे भी शामिल हैं। जो जान जोखिम में डाले सड़कों पर नजर आ रहे हैं। इनकी रोकथाम के लिए जिम्मेदार पुलिस ने आंखें मूंद रखी हैं।
जातरुओं से संक्रमण का खतरा
जातरुओं की संख्या बढऩे से शहर में गंदी होने लग गई है। मसूरिया व आस-पास के क्षेत्र में सड़कों पर कचरा नजर आने लगा है। हालांकि निगम कर्मचारी सुबह व दोपहर में सफाई कर रहे हैं, लेकिन जातरुओं के दिनभर आवागमन से स्थानीय स्तर पर संक्रमण का खतरा बढऩे लगा है।
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