रक्त परीक्षण की नेट जांच तकनीक को लेकर शपथ पत्र पेश करने के निर्देश

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महांति तथा न्यायाधीश विनित कुमार माथुर की खंडपीठ में याचिकाकर्ता ऋतुराज सिंह राठौड़ की ओर से दायर जनहित याचिका की सुनवाई के दौरान राज्य सरकार की ओर से कहा गया कि एम्स जोधपुर एवं महाराणा भूपाल अस्पताल, उदयपुर में एचआईवी रोगियों के रक्त परीक्षण की उच्चस्तरीय नेट जांच तकनीक स्थापित की गई है। खंडपीठ ने नेशनल एड्स कंट्रोल आर्गेनाईजेशन (नाको) को कहा कि वह विशेषज्ञों को एम्स, जोधपुर और महाराणा भूपाल सरकारी अस्पताल, उदयपुर में प्रदान की जाने वाली सुविधाओं का दौरा करने के लिए भेजे और इसके संचालन की स्थिति के संबंध में कोर्ट के समक्ष इस आशय की सील बंद रिपोर्ट पेश करे कि इसमें कोई सुधार करने की आवश्यकता है या नहीं। कोर्ट ने राज्य को एसएमएस मेडिकल कॉलेज, जयपुर में इसी तरह के उपकरणों की स्थापना के संबंध में हलफनामा दाखिल करने का निर्देश दिए। याचिकाकर्ता ने संक्रमित खून चढ़ाने से एचआईवी व हेपेटाइटिस होने की आशंका जताते हुए याचिका दायर की थी, जिसमें बताया गया था कि नेट तकनीक से खून में संक्रमण का कुछ दिनों में ही पता चल जाता है, लेकिन वर्तमान में उपयोग ली जा रही तकनीक से संक्रमण पता चलने में काफी दिन लग जाते हैं। इसके चलते कई मामलों में रोगियों को संक्रमित खून चढ़ा दिया जाता है। खंडपीठ ने राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन को भी प्रतिवादी के रूप में शामिल करने को कहा है। अगली सुनवाई 7 सितंबर को होगी।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3jxjD16
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment