चिंकारा की सुरक्षा, संरक्षण एवं संवद्र्धन के लिए ट्रेनिंग, वर्कशाप का आगाज

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जोधपुर. देश की स्वतंत्रता के 75 वर्ष पूर्ण होने के उपलक्ष्य में भारत सरकार की ओर से 'आजादी का अमृत महोत्सवÓ के तहत 2 अगस्त से 8 अगस्त तक जोधपुर के माचिया जैविक उद्यान में राज्य पशु चिंकारा के संरक्षण को लेकर विभिन्न कार्यक्रमों का आगाज कार्यशाला से किया गया। देश के 75 चिडिय़ाघरों में 75 वन्यजीव प्रजातियों के लिए जनजागरूकता कार्यक्रम के 21 वें सप्ताह में माचिया जैविक उद्यान जोधपुर की ओर से चिंकारा के संरक्षण, संवद्र्धन और बचाव के प्रयासों तथा चुनौतियों के बारे में विशेषज्ञों की ओर से विचार-विमर्श किया जाएगा। उद्घाटन कार्यक्रम चिंकारा पर वेबिनार से किया गया, जिसमें महाराजा गंगासिंह विवि बीकानेऱ के पूर्व कुलपति डॉ. गंगाराम जाखड़ ने प्रतिभागियों को ऑनलाइन संबोधित कर चिंकारा प्रजाति के सामूहिक व्यवहार, चित्रों के माध्यम से शारीरिक बनावट, नर तथा मादा की पहचान, पसंदीदा आहार आदि वैज्ञानिक पहलुओं के बारे में जानकारी दी। वेबिनार में उप वन संरक्षक, वन्यजीव विजय बोराणा, वन संरक्षक बेगाराम जाट सहित वन-विभाग के अधिकारी व स्टॉफ, विभिन्न यूनिवर्सिटी से जुडे शोधकर्ता व विद्यार्थी व वन्यजीव प्रेमी शामिल हुए। 'आजादी का अमृत महोत्सवÓ कार्यक्रमों की शृंखला में मंंगलवार को डॉ. श्रवण सिंह राठौड़, वेटेरीनरी साईंटिस्ट, डब्ल्यूआइआइ, डॉ. ज्ञानप्रकाश, वन्यजीव चिकित्साधिकारी एवं डॉ. हेमंत जोशी असिसटेंट प्रोफेसर की ओर से चिंकारा रेस्क्यू एवं रिहेबिलिटेशन तथा वेटेरिनरी इंटरवेंशन को लेकर ऑनलाइन कार्यशाला का आयोजन होगा।



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