प्रदेश की 99 अदालतों के लिए न भवन, न सुविधाएं

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर। राजस्थान हाईकोर्ट ने प्रदेश की अधीनस्थ अदालतों के भवन और बुनियादी सुविधाओं की कमी पर एक बार फिर नाराजगी जताई है। वर्तमान में राज्य में 99 अधीनस्थ अदालतों के लिए किसी तरह का भवन या स्थान उपलब्ध नहीं है। रजिस्ट्रार जनरल ने हाल ही प्रमुख विधि सचिव को पत्र लिखकर भवन व अन्य सुविधाओं की मांग की थी, लेकिन नतीजा शून्य रहने पर कोर्ट ने पूछा है कि राज्य सरकार ने क्या कदम उठाए।

न्यायाधीश विजय बिश्नोई एवं न्यायाधीश विनित कुमार माथुर की खंडपीठ ने राजस्थान हाईकोर्ट एडवोकेट्स एसोसिएशन की जनहित याचिका पर सुनवाई करते हुए मौखिक रूप से वित्त और विधि विभाग की कार्यशैली की आलोचना की और कहा कि राज्य में नवसृजित वाणिज्यिक न्यायालय सहित कुल 99 न्यायालय भवन या समुचित जगह के आभाव में सुचारू रूप से कार्य नहीं कर पा रहे हैं। कोर्ट ने यह भी कहा कि अदालतों के भवन, सुविधाएं आदि पर ध्यान नहीं दिया जा रहा और आमतौर पर जरूरत के मुकाबले कम राशि ही स्वीकृत की जाती है।

हाल ही मुख्य न्यायाधीश इंद्रजीत महांति ने भी एक याचिका की सुनवाई के दौरान मौखिक टिप्पणी करते हुए कहा था कि यदि बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध नहीं करवाई जाती हैं तो अधीनस्थ अदालतों को बंद करने का आदेश देना पड़ेगा।

एसोसिएशन की ओर से अधिवक्ता अनिल भंडारी ने कहा कि वाणिज्यिक न्यायालय में बढ़ते प्रकरणों को देखते हुए हाईकोर्ट के निर्देश पर राज्य सरकार ने गत २६ मई को जोधपुर में एक और वाणिज्यिक न्यायालय तथा बीकानेर, भीलवाड़ा और अलवर में एक-एक न्यायालय खोलने की अधिसूचना जारी की थी, लेकिन न तो इनमें पीठासीन अधिकारियों की नियुक्ति की गई और न ही स्टाफ लगाया गया। भवन के अभाव में जोधपुर के दोनों ही न्यायालय एक ही जगह चल रहे हैं।

हाईकोर्ट प्रशासन की ओर से पैरवी करते हुए अधिवक्ता डा.सचिन आचार्य ने कहा कि रजिस्ट्रार जनरल ने 30 जुलाई को प्रमुख विधि सचिव पत्र लिखकर नवसृजित वाणिज्यिक न्यायालय सहित राज्य में 99 अदालतों के भवन का मामला मुख्य सचिव के तत्काल संज्ञान में लाने का अनुरोध किया था। राज्य की ओर से अतिरिक्त महाधिवक्ता संदीप शाह ने रजिस्ट्रार जनरल के पत्र पर की गई कार्यवाही का विवरण पेश करने के लिए समय मांगा, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने अगली सुनवाई 14 सितंबर मुकर्रर की है।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/2Y2Ecvt
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment