मानसून में हजारों वन्यजीवों को बचाने वाले रेस्क्यू वाहन फिर से नाकारा

पोस्ट पसंद आये तो लाइक जरुर करे ?

जोधपुर. वनविभाग के 16 साल पुराने नाकारा साबित हो चुके रेस्क्यू वाहन इस बार मानसून में जोधपुर जिले के हजारों वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित हो सकते हैं। मानसून में हर साल श्वान हमलों से घायल होने वाले हजारों वन्यजीवों को वनविभाग वन्यजीव मंडल की टीम संभाग के एकमात्र वन्यजीव चिकित्सालय उपचार के लिए लेकर आती है। पिछले डेढ़ दशक से जिले में घायल वन्यजीवों को बचाने और शिकार की रोकथाम के लिए गश्त के लिए २००६ मॉडल के १५ साल पुराने दो जर्जर वाहनों का ही उपयोग किया जा रहा है। जोधपुर वन्यजीव मंडल की रेस्क्यू टीम को जोधपुर जिले के अलावा पूरे जोधपुर संभाग के जिलों में भी हिंसक वन्यजीवों के रेस्क्यू ऑपरेशन के लिए खटारा वाहनों का ही प्रयोग किया जा रहा है। वनविभाग के अधिकारी और वन्यजीव प्रेमी पिछले कई वर्षों से मुख्य वन संरक्षक, वन मंत्री और मुख्यमंत्री से जिले के वन्यजीवों को बचाने के लिए नए रेस्क्यू वाहनों की लगातार मांग कर रहे है लेकिन हजारों वन्यजीवों की सुरक्षा के लिए सरकार ने अभी तक कोई पहल नहीं की है। एेसे में ऑक्सन के लायक खटारा रेस्क्यू वाहनों का संचालन वन्यजीवों के लिए जानलेवा साबित होगा।



from Patrika : India's Leading Hindi News Portal https://ift.tt/3imjay9
Share on Google Plus

About Atul

This is a short description in the author block about the author. You edit it by entering text in the "Biographical Info" field in the user admin panel.

0 comments:

Post a Comment