फिजिकल सुनवाई में शामिल हो सकेंगे पहला टीका लगवा चुके वकील

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जोधपुर. राजस्थान हाईकोर्ट की मुख्य पीठ और जयपुर पीठ में सोमवार से हाईब्रिड मोड पर सुनवाई होगी, लेकिन फिजिकली हियरिंग के लिए कोविड का पहला टीका लगवा चुके अधिवक्ताओं को कोर्ट परिसर में दाखिल होने की अनुमति होगी। पहले हाईकोर्ट प्रशासन ने दोनों टीके लगने 14 दिन बाद प्रवेश के मानक तय किए थे। इसका वकील संगठनों ने विरोध किया था।

बार संघों की मांग पर गुरुवार को हाईकोर्ट की फुल कोर्ट में विचार विमर्श के बाद नई अधिसूचना जारी की गई। इसके अनुसार केवल उन्हीं व्यक्तियों को प्रवेश में छूट दी जाएगी, जिनका चिकित्सकीय कारणों से टीकाकरण नहीं हो पाया है। हाईकोर्ट ने अपनी वेबसाइट पर एक वेब पोर्टल का विकल्प दिया है। इसमें संबंधित पक्षकार और अधिवक्ता अपने प्रथम टीकाकरण का प्रमाण पत्र अपलोड कर सकेंगे। अधिवक्ता मुंशी का प्रमाण पत्र संबंधित अधिवक्ता के माध्यम से अपलोड किया जा सकेगा। हाईकोर्ट प्रशासन टीकाकरण प्रमाण पत्र के सत्यापन के बाद संबंधित अधिवक्ता एवं पक्षकार को ऑनलाइन प्राधिकार पत्र जारी करेगा, ताकि प्रवेश द्वार पर संबंधित की एंट्री सुनिश्चित हो सके। पहली डोज का प्रमाणपत्र धारी अन्य लोगों दाखिल होने की अनुमति होगी।

मुख्य पीठ और जयपुर पीठ सुबह 10.30 से शाम 4.30 बजे तक हाइब्रिड मोड पर मामलों की सुनवाई करेगी। इसमें फिजिकल और वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से भी सुनवाई की जा सकेगी। हालांकि, हाईकोर्ट प्रशासन ने मौजूदा स्थितियों के म²ेनजर संबंधितों को वर्चुअल सुनवाई में शामिल होने को प्राथमिकता देने की सलाह दी है। किसी आरोपी की अपील या रिवीजन में व्यक्तिगत उपस्थिति में अग्रिम आदेश तक छूट रहेगी। अधिवक्ताओं को सुनवाई के दौरान कोट और गाउन पहनने से छूट दी गई है।

अधीनस्थ अदालतों फिलहाल दर्ज नहीं होंगे साक्ष्य
अधीनस्थ अदालतों में प्रवेश की व्यवस्था कमोबेश ऐसी ही रहेगी। वहां साक्ष्य दर्ज करने को छोड़कर सभी श्रेणियों के मामलों की सुनवाई शुरू होगी। साक्ष्य की रिकॉर्डिंग 26 जुलाई से शुरू होगी, जिसके लिए सभी संबंधितों को आवश्यक तैयारी करने को कहा गया है। पक्षकारों को न्यायालय परिसर में अनुमति नहीं दी गई है। इसलिए अभियुक्तों, शिकायतकर्ताओं, गवाहों और पक्षों की उपस्थिति पर जोर नहीं देने के निर्देश देते हुए कहा गया है कि 25 जुलाई तक उनकी अनुपस्थिति पर प्रतिकूल आदेशों से बचा जाए। न्यायिक हिरासत रिमांड जहां तक संभव हो केवल वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग से दिया जाएगा।



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