जोधपुर। करीब ढाई दशक तक एक परिवार की सदस्य तरह रही गाय 'गंगा' की मृत्यु के बाद पूरे परिवार के लोगों ने न केवल गाजे बाजों के साथ उसे अंतिम विदाई दी बल्कि सोढ़ों की ढाणी क्षेत्र में स्थित निजी खेत में उसे विधिवत पूजन कर समाधिस्थ भी किया। गौ माता के प्रति अटूट प्रेम के कारण समाधिस्थ स्थल पर गौमाता की मूर्ति भी बनाई जाएगी।
सूरसागर क्षेत्र में शुक्रवार सुबह 'गंगा की अंतिम यात्रा सूरसागर रामद्वारा के रामस्नेही संत अमृतराम के सान्निध्य में निकाली गई। ट्रैक्टर पर फूलों से सुसज्जित मोक्ष रथ में गंगा की विदाई में क्षेत्रवासी भी शामिल हुए।
पूजन कर नम आंखों से विदा किया
शवयात्रा पर क्षेत्रवासियों ने जगह-जगह पुष्पवर्षा की। सूरसागर क्षेत्र निवासी जयसिंह सोलंकी ने बताया कि गाय करीब पच्चीस वर्ष से उनके परिवार की सदस्य रही थी। बरसों से पारिवारिक जुड़ाव के कारण पूरे परिवार के सदस्यों ने उसका पूजन कर नम आंखों से विदा किया।
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