कक्षा-कक्ष भी पूरे नहीं, स्कूल खुली तो बच्चों को कहां बैठाओगे?

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यहां सोशल डिस्टेंस बनाना भी बड़ी चुनौती
फैक्ट फाइल
इतनी स्कूलों में कक्षा-कक्ष की कमी
पांचवीं कक्षा तक की 10 स्कूल
आठवीं तक के 28 स्कूल
दसवीं तक के 22 स्कूल
बारहवीं तक के 130 स्कूल
जोधपुर. प्रदेश के दूसरे बड़े शहर जोधपुर में 2803 विद्यालय प्राथमिक व उच्च प्राथमिक हैं और 694 माध्यमिक व उच्च माध्यमिक के संचालित हैं। शिक्षा विभाग के प्रारंभिक व माध्यमिक सेटअप में कुल 190 स्कूल कक्षा-कक्ष की कमी झेल रहे हैं। जबकि कोरोनाकाल में सर्वाधिक सुरक्षा स्कूलों में बच्चों की सोशल डिस्टेंस से रखी जानी है। प्रारंभिक सेटअप की विभाग से प्राप्त रिपोर्ट अनुसार तो जिले की 3 स्कूलों में एक भी कक्षा-कक्ष नहीं है। इसके अलावा प्राथमिक स्तर की 10 स्कूलों में केवल एक ही क्लास रूम में पूरी पांचवी कक्षा पढ़ रही है। जिले के एक उच्च प्राथमिक विद्यालय में एक कक्षा कक्ष में आठ कक्षाएं संचालित हो रही हैं। दो कक्षा कक्ष की चार स्कूल, तीन कक्षा कक्ष की 11 और चार कक्षा कक्ष की 28 स्कूलों में 8 कक्षाओं के बच्चे अध्ययनरत हैं। इन हालातों में एक कक्षा में दो कक्षाओं और उससे अधिक कक्षाओं के बच्चे शिक्षा ग्रहण कर रहे हैं। इन स्कूलों का संचालन कोरोनाकाल में करना शिक्षा विभाग के लिए बहुत बड़ी चुनौती होगा।

ओसियां में सर्वाधिक कक्षा-कक्षों की कमी
जिले के ओसियां ब्लॉक में सर्वाधिक 18 स्कूलों में कक्षा-कक्ष की कमी चल रही है। यहां सीनियर सैकंडरी स्तर के 12 स्कूलों में कक्षा कक्ष पूरे नहीं बने हैं। यहां 5 उच्च प्राथमिक व 1 सैकंडरी स्कूल में कक्षा कक्ष की कमी है। इसके अलावा लोहावट ब्लॉक के 17 स्कूलों में कक्षा कक्ष की कमी है।

शहर में 11 स्कूलों में कक्षा-कक्ष नहीं
जोधपुर शहर में भी हालत खराब है। यहां 11 स्कूलों में पूरे कक्षा-कक्ष नहीं बने हुए है। यहां सर्वाधिक 5 सीनियर सैकंडरी स्कूलों में कक्ष नहीं बने हुए हैं। 2 प्राथमिक, 3 उच्च प्राथमिक व 1 माध्यमिक स्कूल में और कक्षा-कक्ष बनाने की जरूरत हैं।
8 साल से स्कूल भवन का इंतजार
राज्य सरकार ने साल 2013 में जिले के मंडोर पंचायत समिति के रोहिल्लाकला ग्राम पंचायत के मोकलावास में राजकीय प्राथमिक विद्यालय खोजों की ढाणी से नाम स्कूल खोला। इस स्कूल को 8 साल बाद भी भवन का इंतजार है। स्कूल के शिक्षक लंबे समय से जेडीए में भूमि आवंटन के लिए चक्कर लगा रहे है।
नामांकन के आधार पर 22 ब्लॉक के इतने स्कूलों में कक्षा-कक्ष नहीं
ब्लॉक नाम- आऊ- 12
बालेसर-10
बावड़ी- 9
बाप- 9
बापिणी- 14
भोपालगढ़-4
बिलाड़ा-2
चामू-7
देचू-6
धवा-8
घंटियाली-15
जोधपुर शहर- 11
केरू-3
लोहावट-17
लूणी-5
मंडोर-7
ओसियां-18
फलोदी-11
पीपाड़ सिटी-1
सेखाला-5
भोपालगढ़-8
तिंवरी- 8

इनका कहना हैं...
स्कूल की यू-डाइस ऑनलाइन भरी जाती है। इसमें स्कूल अपनी आवश्यकता बताते हैं। उसी अनुसार राज्य सरकार स्कूलों में निर्माण के लिए पैसे देती है। इस आधार पर कक्षा-कक्ष बनाए जाते हैं। हर साल बजट अनुसार कार्य होता है, अगले साल फिर नई स्कूलों में निर्माण कार्य कराया जाता है।
- भीखाराम प्रजापत, अतिरिक्त जिला परियोजना समन्वयक, समग्र शिक्षा अभियान, जोधपुर



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