‘मेहजाल’ से रूठे इन्द्रदेव को मनाने का जतन

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जोधपुर. जोधपुर सहित मारवाड़ व प्रदेश में सुखद वर्षा की कामना से रविवार शाम को मंडोर क्षेत्र की महिलाओं की ओर से दशकों पुराने पारम्परिक टोटके ‘मेहजाल’ का आयोजन किया। मंडोर के भियाली बेरा क्षेत्र से कोविड गाइडलाइन की पालना के साथ रवाना हुई महिलाएं रंग बिरंगे परिधानों में शीश पर पानी से भरे मिट्टी के छिद्रयुक्त मटके लिए नृत्य व मंगल गीत गाते चल रही थी। शाम ४.१५ बजे समूह के रूप में रवाना हुई महिलाएं करीब तीन किमी पैदल यात्रा के दौरान भवाला बेरा , भियाली बेरा, गोपी का बेरा, बड़ा बेरा, आमली बेरा, लालाबेरा, पदाला बेरा, खोखरिया बेरा, नागौरी बेरा, फूलबाग बेरा आदि बस्तियों एवं बेरों की महिलाएं भी उत्साह से पारम्परिक आयोजन में शामिल होकर मंडोर उद्यान स्थित काला-गोरा भैरुजी मंदिर पहुंची। मंदिर में विधिवत पूजा अर्चना के बाद घुघरी, कुलर व बलभोग का प्रसाद चढ़ाया गया। इन्द्रदेव से सामूहिक रूप से सुखद वर्षा की प्रार्थना कर हवनकुण्ड की परिक्रमा की गई व मटकों को आकाश की तरफ उछाल कर इन्द्रदेव से जल्द कृपा रूपी प्रसाद बरसाने की मनुहार की गई। युवा कांग्रेस के पूर्व जिला सचिव लक्ष्मणसिंह सोलंकी ने कार्यक्रम संयोजक रूपादेवी गहलोत सहित सभी महिलाओं को मॉस्क व सैनेटाईजर वितरण कर स्वागत किया। कार्यक्रम के सुचारू संचालन में ढलसिंह गहलोत तथा डॉ. संतोकसिंह गहलोत व क्षेत्र के युवाओं, बुर्जुगों ने पुरातन परम्परा निर्वहन में पूर्ण सहयोग किया।



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