जोधपुर.कोरोना की प्रथम-द्वितीय लहर में मां की गर्भ से 30 नवजात संक्रमित जन्मे। लेकिन जोधपुर के डॉ. एसएन मेडिकल कॉलेज के शिशु रोग विभाग ने संक्रमित मां से ही संक्रमित नवजातों को दूध पिलाया। इतना हीं नहीं, मां के स्तनपान से कई नौनिहालों की कोरोना रिपोर्ट कुछ घंटों बाद ही नेगेटिव आने लग गई। इस पहल की शुरुआत भी राजस्थान में सर्वप्रथम जोधपुर से हुई। इतना नहीं, जो माएं संक्रमित थीं, उनके बच्चे भी स्तनपान करने के बाद कोरोना संक्रमण से बच गए। कुल मिलाकर मां के दूध के आगे नवजातों के शरीर में कोरोना संक्रमण टीक नहीं पाया। इन बच्चों को किसी प्रकार की दवा की जरूरत नहीं पड़ी।
शिशु रोग विभाग के वरिष्ठ आचार्य डॉ. अनुरागसिंह ने बताया कि मांओं को दो साल या इससे अधिक समय तक बच्चों को स्तनपान कराना चाहिए। शिशु की सेहत अच्छी रहती है। छह माह तक तो शिशु को पानी भी नहीं देना चाहिए। उम्मेद अस्पताल ऑडिटोरियम में रविवार सुबह 10 बजे से नर्सिंग, चिकित्साकर्मी, एएनएम के लिए आमुखीकरण कार्यशाला होगी। 7 अगस्त तक स्तनपान सप्ताह मनाया जाएगा।
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