अब चालान बुक से चालान बनाने के दिन लदे

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जोधपुर.
वर्षों से शहर के प्रमुख ट्रैफिक पॉइंट पर पुलिस हाथ में चालान बुक व पेन लिए खड़ी नजर आती रही है। पेन से चालान बनाने के बाद एक कॉपी वाहन चालक को दी जाती है। अब यह बीते कल की बात होने जा रही है। यातायात नियम की अवहेलना करने पर अब ई-डिवाइस की मशीन प्रिंटेड चालान निकालेगी और उसी से वाहन मालिक या चालक को चालान कम्पाउण्ड करवाना होगा। पुलिस मुख्यालय से जोधपुर पुलिस को 100 ई-चालान डिवाइस मशीनें उपलब्ध कराई गईं हैं।

एएसआइ व हेड कांस्टेबल बना रहे ई-डिवाइस से चालान
पुलिस मुख्यालय जयपुर से पुलिस कमिश्नरेट जोधपुर को 100 ई-डिवाइस मशीनें दी गईं हैं। इनमें से साठ ई-डिवाइस यातायात पुलिस को दी गईं हैं। शेष पूर्व व पश्चिमी जिलों के थानों को उपलब्ध कराई गई है। इस ई-डिवाइस मशीनें में एमवी एक्ट के संबंधित नियम का उल्लंघन करने की जानकारी अपलोड करते ही कागज पर प्रिंट निकल जाएगा। जो वाहन चालक को दिया जाएगा। फिलहाल एएसआइ व हेड कांस्टेबल को ई-डिवाइस मशीनें दी गईं हैं। निरीक्षक व उप निरीक्षक पुरानी चालान बुक से ही कार्रवाई कर रहे हैं।

566 में से 402 चालान ई-डिवाइस मशीन से बने
ई-डिवाइस मशीन से चालान बनाने के बारे में पुलिसकर्मियों को पुलिस लाइन के सरदार पटेल सभागार में प्रशिक्षण भी दिया गया। यातायात पुलिस ने गत 21 जुलाई को 566 चालान बनाए थे। इनमें से 402 चालान ई-डिवाइस मशीन से बने थे।

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'अब ई-डिवाइस मशीनों से एमवी एक्ट के चालान बनाने शुरू किए गए हैं। पुलिस मुख्यालय से 100 ई-डिवाइस मशीनें मिली हैं। इनमें से साठ मशीनें यातायात और बीस-बीस मशीनें कमिश्नरेट के पूर्व व पश्चिमी जिला पुलिस को दी गई है।Ó
राजेश कुमार मीना, पुलिस उपायुक्त (मुख्यालय व यातायात) जोधपुर।



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