जोधपुर. अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान (एम्स ) जोधपुर में ७ करोड़ रुपए की लागत से एनिमल हाउस बनकर तैयार हो गया है। आने वाले समय में एम्स चिकित्सक जानवरों के जरिए इंसानी बीमारियों का शोध करेंगे। इस एनिमल हाउस का एरिया ३०४० स्क्वेयर मीटर हैं, ३ स्टोरी बिल्डिंग बन चुकी हैं, जिसमें ग्राउंड, प्रथम तल व द्वितीय तल रहेगा। उम्मीद हैं कि छह माह में एनिमल हाउस शुरू भी हो जाएगा।
एम्स में एनिमल एथिकल कमेटी भी बनेगी। इसमें फार्माकॉलोजी, माइक्रोबायोलॉजी, पेथोलॉजी, वेटेनरी चिकित्सक सहित अन्य विभाग के सदस्य शामिल होंगे। यहां एनिमल वेलफेयर बोर्ड आकर निरीक्षण करेगा और उसके बाद एनिमल हाउस खोलने की अनुमति दी जाएगी। एम्स जोधपुर ये सभी औपचारिकताएं जल्द पूरी करेगा। यहां रहने वाले एनिमल को उपचार, पानी, पेड़-पौधे आदि सुविधाएं भी दी जाएंगी। एम्स इनके परमिशन व रेग्यूलेशन की तैयारी जल्द शुरू करने वाला है।
ये डिपार्टमेंट देंगे सेवाएं
यहां द्वितीय मंजिल पर माइक्रोबायोलॉजी विभाग वायरस जनित बीमारियों के लिए रिसर्च करेगा। ग्राउंड व प्रथम मंजिल पर फिजियोलॉजी, फार्माकोलॉजी, बायोकेमेस्ट्री, एनाटॉमी जैसे विभाग रिसर्च करेंगे। संपूर्ण राजस्थान में सबसे आधुनिक स्तर पर का ये पहला एनिमल हाउस होगा।
ये जानवर लाए जाएंगे
यहां चूहे, खरगोश, मेंढक़ व बिल्ली सहित कई तरह के जानवरों को लाकर उन पर शोध होगा। इस शोध के जरिए एम्स चिकित्सक नई बीमारियों व दवाइयों के शरीर पर नुकसान आदि की गणना करेंगे। इसके अलावा जींस में बदलाव आदि कई विशेषताओं पर शोध होगा।
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