जोधपुर।
केंद्र सरकार की ओर से लागू किए गए आवश्यक वस्तु अधिनियम के दो दिवसीय विरोध में पहले दिन मंगलवार को मण्डोर कृषि उपज मंडी, जीरा मंडी व बासनी कृषि उपज मंडी बंद रही। मंडियां बंद रहने से व्यापार कार्य नहीं हुआ। वहीं जीरा मंडी में खुली बोली नीलामी नहीं हुई।
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व्यापार संघों ने भेजे ज्ञापन
मण्डोर मण्डी खाद्य पदार्थ व्यापार संघ व जीरा मंडी व्यापार संघ की ओर से उपभोक्ता मामले, खाद्य व सार्वजनिक वितरण मंत्री पीयूष गोयल को ज्ञापन भेजा गया। संघ सचिव धर्मेन्द्र भण्डारी ने बताया कि दालों पर स्टॉक लिमिट लगाना उचित नहीं है। उन्होंने केन्द्र सरकार से इस अध्यादेश को वापस लेने की मांग की है।जीरा मंडी व्यापार संघ अध्यक्ष पुरुषोत्तम मूंदड़ा ने बताया कि दालों के आयात की अनुमति देने व मूंग दाल के अलावा अन्य दालों पर थोक विक्रेता के लिए अधिकतम स्टॉक लिमिट को घटाकर 200 टन मीट्रिक टन करने के निर्णय व्यापार हित में नहीं है। देश के व्यापार हित को देखते हुए इस निर्णय को वापस लेने की मांग की गइ है।
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किसानों ने भी किया विरोध
केन्द्र सरकार की ओर से दालों की अधिकतम स्टॉक सीमा निर्धारित करने के निर्णय के विरोध में भारतीय किसान संघ के नेतृत्व में किसानों ने अतिरिक्त जिला कलक्टर मदनलाल नेहरा को प्रधानमंत्री को ज्ञापन भेजा। संघ के वरिष्ठ जिला उपाध्यक्ष रामनारायण जांगू ने बताया कि ज्ञापन में केन्द्र सरकार की ओर से मई माह में दालों के आयात की अनुमति देने, समर्थन मूल्य से नीचे भाव होने के बावजूद दालों पर स्टॉक लिमिट लगाने से कृषि जिंसों के दामों पर नकारात्मक प्रभाव पडऩे की आशंका व्यक्त की है। संघ की ओर से ज्ञापन में डीजल के दामों में कटौती की मांग की गई ।
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