फैक्ट फाइल
जिले में कुल 9 गांधी इंग्लिश मीडियम स्कूल
छात्रों के लिए 4590 से ज्यादा सीटें
दो पारी में स्कूल चलाने पर भी जगह का टोटा
जोधपुर. स्कूलें खुलने पर कोविड गाइडलाइन के अनुरूप विद्यार्थियों के सोशल डिस्टेंसिंग रख पाना शिक्षा विभाग के अधिकारियों के लिए कितना चुनौतीपूर्ण होगा, इसका अंदाजा इसी बात से लगाया जा सकता है कि निजी विद्यालयों की तर्ज पर खोले जा रहे अंग्रेजी मीडियम के महात्मा गांधी स्कूलों में भी पर्याप्त कक्षा-कक्ष या सुविधाएं नहीं हैं। चैनपुरा में स्थापित जिले के पहले ऐसे स्कूल में आज भी मात्र चौदह कमरे हैं और इनमें तीस कक्षाएं चलती हैं।
महात्मा गांधी राजकीय इंग्लिश माध्यम स्कूल चैनपुरा में एक पारी में कक्षा 1 से 10वीं तक अंग्रेजी माध्यम और दूसरी पारी में कक्षा 11वीं व 12वीं हिंदी माध्यम में संचालित है। स्कूल की कक्षा 1 से 5 में 10 सेक्शन में 300 विद्यार्थी पढ़ते हैं। इसके अलावा कक्षा 6 से 8 में 210 बच्चों के लिए छह सेक्शन और कक्षा नवमीं-दसवीं में 140 बच्चों के लिए 4 सेक्शन हैं। कक्षा 11-12 के 10 सेक्शन में 250 विद्यार्थी अध्यनरत हैं। ऐसे हालात में स्कूल खुलते ही सबसे बड़ी चुनौती सोशल डिस्टेंसिंग के हिसाब से बच्चों का सीटिंग अरेंजमेंट करने की होगी।
स्कूल को चाहिए 18 कक्ष और...
स्कूल प्रिंसिपल डॉ. नलिनी राजोत्या व व्याख्याता एवं स्कूल भवन निर्माण समिति प्रभारी नवीन देवड़ा के अनुसार स्कूल में इस बार भी एक हजार नामांकन रहने की संभावना है। प्राथमिक कक्षा के विद्यार्थियों के लिए गतिविधि कक्ष, गणित व विज्ञान कक्ष को अलग कर दिया जाए तो स्कूल दो पारी में संचालित किए जाने के बाद भी कुल 12 कक्ष ही काम में आ सकेंगे। हकीकत में पूरी संख्या के हिसाब से भी स्कूल को कम से कम 18 कक्ष और चाहिए।
भामाशाहों का इंतजार
इन विद्यालयों को इंग्लिश मीडियम तो बना दिया गया, लेकिन यहां विकास कराने को लेकर सरकार के पास पर्याप्त बजट भी नहीं है। स्कूल प्रबंधन भी यहां विकास कार्य कराने के लिए भामाशाहों का इंतजार कर रहा है। जिम्मेदार स्वयं मान रहे हैं कि बगैर भामाशाहों के स्कूल का बेहतर इंफ्रास्टे्रक्चर तैयार करना मुश्किल रहेगा।
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